पार्वती घाटी की आराध्य माता रूपासना के साथ परिक्रमा पर निकले देवता अग्निपाल । संवाद
कुल्लू। मणिकर्ण घाटी के तहत पाथला के देवता अग्निपाल इन दिनों घाटी की सुख-शांति के लिए परिक्रमा पर निकले हैं। देवता अपने क्षेत्रों के विभिन्न गांवों में जाकर देव परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं।
इसी कड़ी में देवता अग्निपाल ने धारला-शराणीबेहड़ में देव परंपरा का निर्वहन किया। इससे पहले बीते शनिवार को अधिष्ठात्री माता रूपासना के साथ देवता अग्निपाल का भव्य देवमिलन हुआ।
शनिवार को देवमिलन देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। महिलाओं ने धारला, शराणीबेहड़ और हुरन में कुल्लवी परिधान पहनकर माता रूपासना और देवता अग्निपाल को धूप देने की रस्स निभाई। माता रूपासना के पुजारी पूरन ने कहा कि देवता अग्निपाल धारला आए तो यहां उनका माता रूपासना से भव्य देवमिलन हुआ। माता के साथ आए कारकूनों की ग्रामीणों ने खूब खातिरदारी की। उन्होंने कहा कि हारियानों ने देवताओं के समक्ष शीश नवाकर घाटी में सुख-समृद्धि की कामना की है। संवाद