कुल्लू। चैत्र नवरात्र की अष्टमी में जिले में माता के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। बारिश के बाद भी मंदिरों में दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिरों में श्रद्धालुओं ने कन्या पूजन के बाद अपना उपवास तोड़ा और माता के दरबार में चुनरी, नारियल चढ़ाकर सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया। मंदिरों में पुजारियों और कारकूनों ने विशेष पूजा-अर्चना की। घाटी के भेखली में भुवनेश्वरी मंदिर, मनाली के हिडिंबा मंदिर और माता जगन्नाथी मंदिर पुईद में भक्तों ने पूजा कर अपना व्रत खोला।
जिला मुख्यालय से चार किमी दूर रामशिला में माता वैष्णो, शीतला माता, दशमी वारदा काईस, त्रिपुरा सुंदरी, ज्वाला माता, देवी पार्वती चाेंग, नैना माता मणिकर्ण, बूढ़ी नागिन सरयोलसर और दोचामोचा करजां आदि मंदिरों में सुबह से लेकर शाम तक श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहा। अष्टमी के दिन चैत्र नवरात्र में मंगलवार को अन्य दिनों के मुकाबले श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रही।
गोपाल कृष्ण शास्त्री ने कहा कि नवरात्र के आठवें दिन महागौरी के रूप की पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि अठारह गुणों की प्रतीक महागौरी धन-धान्य, गृहस्थी, सुख और शांति की देवी हैं। कहा कि देवी की इस रूप में पूजा से महिला को सौभाग्य का फल मिलता है। उन्होंने कहा कि इस दिन व्रत रखकर कन्या पूजन भी किया जा सकता है।
जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर ने कहा कि अष्टमी के चलते जिले में माता के मंदिरों में भक्तों की भीड़ देखने को मिली। मंदिर में पहुंचकर हजारों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया है। संवाद