देवताओं के लौटते ही बाल्ह मेले का समापन
कुल्लू। देवता टकरासी नाग के तीन दिवसीय बाल्ह मेले का समापन हो गया है। रविवार को अंतिम दिन मेले में देवनृत्य के साथ कुल्लवी नाटी का आयोजन हुआ। कुल्लवी नाटी को लोगों ने खूब पसंद किया।
इसके बाद देवता टकरासी नाग और सत्यनारायण करशाला का विदाई मिलन हुआ। देवता टकरासी नाग अपने देवालय के लिए रवाना हुए जबकि सत्यनारायण करशाला ने बहली गांव में ठहराव किया। तीन दिनों तक चले इस पारंपरिक मेले में देव संस्कृति और लोक संस्कृति देखने को मिली।
मेले में रघुपुर घाटी की आठ पंचायत के लोगों ने भाग लेकर शोभा बढ़ाई। टकरासी नाग के कारदार अमर चंद, नारायण के कारदार इंदर सिंह और लीला प्रसाद ने कहा कि इस बार मौसम शुष्क रहा और तीनों दिन मेला बहुत अच्छा रहा। लोगों ने मिले का भरपूर आनंद उठाया। उन्होंने कहा कि मेले में सत्यनारायण करशाला करीब 8 साल बाद बाल्ह मेले में शामिल हुआ। देवता का टकरासी नाग के साथ भव्य मिलन भी हुआ। संवाद