नप अध्यक्ष को सफाई में सुधार और कूड़ा निष्पादन पर देना होगा जोर
शहर के अतिक्रमण को हटाकर व्यवस्था बनाना भी नहीं आसान
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली (कुल्लू)। नगर परिषद मनाली में अध्यक्ष पद पर जीत के बाद भाजपा खेमे के हौसले बुलंद हैं। सीमित समय में शहर का विकास, व्यवस्था में सुधार और जनता के बीच राजनीतिक पैठ मजबूत करना अध्यक्ष मनोज लारजे और उपाध्यक्ष सुनीता शर्मा के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।
लगभग दो महीने से ठप विकास कार्यों को गति देने के लिए भी नए पदाधिकारियों को जल्द कदम उठाने होंगे।
नगर परिषद के चुनाव एक साल के भीतर होने हैं। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है। ऐसे में अध्यक्ष मनोज के लिए सरकार से बजट लाना और सीमित समय में विकास करवाना आसान नहीं है। कम समय में हर वर्ग को संतुष्ट करना चुनौती होगा। नगर परिषद मनाली में सबसे बड़ी समस्या सफाई व्यवस्था में सुधार और कूड़े का सही तरीके से निष्पादन है। शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। रांगड़ी में बने कूड़ा संयंत्र केंद्र में कचरे का निष्पादन बंद है। शहर में जगह-जगह लग रहे कूड़े के ढेरों से शहरवासियों के साथ पर्यटकों में भी नाराजगी है। हालांकि, कूड़ा संयंत्र रांगड़ी से नेक्स्टजन कंपनी ने अपना सामान समेट लिया है। नई कंपनी पर जल्द निष्पादन का कार्य शुरू करवाने पर जोर देना होगा। रांगड़ी में कूड़े के पहाड़ को खत्म करने के लिए नई योजना बनानी होगी। अतिक्रमण, मालरोड में चलती-फिरती दुकानदारी को बंद करवाना, सीजन में होने वाले कथित अवैध कारोबार को रोकना, पार्किंग की बेहतर व्यवस्था जैसी समस्याओं का समाधान करना आसान नहीं है। इसके अलावा मनाली शहर में नई योजनाएं लाकर विकास को गति देना नए अध्यक्ष के लिए केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाली मदद को बढ़ाना होगा। शहर का विकास करवाने के लिए समय कम है। एक साल के भीतर नगर परिषद के चुनाव भी होने हैं। तब तक शहर में सब व्यवस्थित करने के लिए मनोज और सुनीता को पूरी ताकत लगानी होगी।