मनाली के वशिष्ठ में पवित्र स्नान को पहुंची माता संध्या गायत्री
मनाली (कुल्लू)। पर्यटन नगरी मनाली के सियाल और जगतसुख गांव का वातावरण देवमय हो गया है। सियाल में सियाली महादेव के मंदिर की प्रतिष्ठा शुरू हो गई है, तो जगतसुख में माता संध्या गायत्री के मंदिर की प्रतिष्ठा समारोह आयोजित किया जा रहा है। समारोह में दोनों गांवों के आसपास के देवी-देवता भाग लेने पहुंचे हैं। देव मिलन देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
सियाल में सियाली महादेव के मंदिर का फिर से निर्माण हुआ है। मंदिर की प्रतिष्ठा तीन दिन तक चलेगी। शनिवार को सियाली महादेव का वशिष्ठ में पवित्र स्नान हुआ। रविवार को ध्वजा के लिए देवता ढूंगरी गांव से सटे जंगल पहुंचे। सोमवार को ध्वजा मंदिर परिसर में पहुंचाई जाएगी। देर शाम ध्वजारोहण होगा, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहेंगे। प्रतिष्ठा समारोह में देवता शंख नारायण नसोगी, कार्तिक स्वामी सिमसा, गणपति घुड़दौड़, माता हिडिंबा और मनु ऋषि मनाली, देवता नारायण लीगन, माता पार्वती और कार्तिक स्वामी खखनाल भी भाग लेंगे। पांच नवंबर को मंदिर की प्रतिष्ठा पूर्ण होने के उपलक्ष्य पर भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
उधर, जगतसुख में माता संध्या गायत्री के मंदिर की प्रतिष्ठा भी शुरू हो गई है। रविवार को माता संध्या गायत्री पवित्र स्नान के लिए वशिष्ठ पहुंचीं। पांच नवंबर को देव आगमन और गांव में ध्वजा प्रवेश होगा, जबकि छह नवंबर को ध्वजारोहण किया जाएगा। प्रतिष्ठा समारोह में देवता धोम्या ऋषि, जमलू देवता जगतसुख, देवता शिरघन नाग और देवता पाताल भनारा, देवता फाहली नाग प्रीणी, माता शरवरी शुरू, विष्णु भगवान सजला, माता पार्वती और कार्तिक स्वामी खखनाल भाग लेंगे। सात नवंबर को भंडारा आयोजित किया जाएगा। संवाद