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Kullu News: एड्स की रोकथाम के लिए भीड़भाड़ वाले इलाकों से सैंपल लेगा महकमा

Mon, 11 Nov 2024 10:08 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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जिले में नियमित तौर पर लिए जाएंगे सैंपल, स्वास्थ्य विभाग ने तय किया शेड्यूल
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अधिक भीड़भाड़ और स्लम एरिया शामिल, गर्भवती महिलाओं के रोजाना हो रहे टेस्ट
प्रतिदिन लिए जा रहे हैं नशे की चपेट में आए लोगों और क्षय रोगियों के ब्लड सैंपल
राजीव नैय्यर
कुल्लू। जिले में स्वास्थ्य विभाग एचआईवी एड्स की रोकथाम के लिए हॉट स्पॉट पर टेस्टिंग करेगा। हॉट स्पॉट में अधिक भीड़भाड़ और स्लम एरिया को शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में नियमित तौर पर विभागीय टीम संभावित लोगों के सैंपल लेगी।
इसके लिए शेड्यूल तैयार कर दिया गया है। तय शेड्यूल के अनुसार सैंपलिंग की जाएगी। अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं, नशे की चपेट में आए लोगों और क्षय रोगियों के ब्लड सैंपल भी रोजाना लिए जा रहे हैं, जिससे इनमें कोई एचआईवी पॉजिटिव न हो। अगर पॉजिटिव पाए भी जाएं तो उनका समय पर उपचार शुरू हो सके।
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जिले के तीन एकीकृत परामर्श एवं परीक्षण केंद्र (आईसीटीसी) क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू, नागरिक अस्पताल मनाली और नागरिक अस्पताल निरमंड में भी लोगों की काउंसलिंग और टेस्टिंग जारी है। रोजाना गर्भवती महिलाओं के अलावा अन्य मरीजों की जांच की जा रही है। विभाग जिले के पांचों स्वास्थ्य खंडों जरी, नग्गर, बंजार, आनी और निरमंड में समुदाय आधारित स्क्रीनिंग कार्यक्रम के तहत जागरूकता कार्यक्रम करवा रहा है। उधर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेश ने कहा कि जिले के पांचों स्वास्थ्य खंडों में एचआईवी एड्स से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम और सैंपलिंग जारी है। विभाग अब हॉट स्पॉट चयनित कर संभावित लोगों की सैंपलिंग भी करेगा।

अब तक लिए 38,571 सैंपल, 136 मरीज मिले संक्रमित
जिला कुल्लू में स्वास्थ्य विभाग ने साल 2018 से लेकर 38,571 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। इनमें 136 मरीज एचआईवी एड्स से संक्रमित मिले हैं। इनमें 92 पुरुष, 38 महिलाएं और छह किन्नर शामिल हैं। इसके अलावा विभाग रोजाना सैंपलिंग कर रहा है।
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जिले में एचआईवी एड्स की रोकथाम, लोगों को जागरूक करने के लिए समुदाय आधारित कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं। लोगों को एड्स से बचाव के प्रति जागरूक करने के अलावा उनकी स्क्रीनिंग की जा रही है, जिससे संक्रमित मरीजों की पहचान कर उनका उपचार शुरू किया जा सके। - डॉ. एनआर पवार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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