लेफ्ट बैंक के तटीकरण के लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जारी किए 1.80 करोड़
जलशक्ति विभाग जल्द शुरू करेगा काम, 10 जुलाई 2023 को आई बाढ़ से हुआ था नुकसान
हरिराम चौधरी
सैंज (कुल्लू)। जुलाई 2023 में सैंज में आई आपदा से अब सैंज बाजार के बचे अशियानों को बचाने की कवायद तेज हो गई है। राइट बैंक में तटीकरण का काम शुरू हो गया है। अब वामतट की सुरक्षा के लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के तहत 1.80 करोड़ की राशि जलशक्ति विभाग को जारी हुई है। इसका निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा।
पिन पार्वती नदी के राइट बैंक में तटीकरण के लिए पार्वती परियोजना का संचालन कर रहे भारत सरकार के उपक्रम एनएचपीसी ने 3 करोड़ 72 लाख रुपये बीते वर्ष मंजूर किए हैं। अब जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तहत 1 करोड़ 80 लाख रुपये की राशि जारी हुई है। इससे नदी के वामतट पर कंकरीट की दीवारें लगाई जाएंगी। जलशक्ति विभाग ने तटीकरण के टेंडर लगाकर काम शुरू कर दिया है। पिन पार्वती नदी के बिगड़े मिजाज से परेशान सैंज बाजार के लोग अब राहत महसूस कर रहे हैं।
अमर उजाला ने सैंज घाटी में हुई तबाही के मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। लगभग डेढ़ साल से नदी के तटीकरण का मामला ढीला पड़ने के बाद प्रशासन ने तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। एनएचपीसी प्रबंधन 93,09,250 रुपये की पहली किस्त 15 नवंबर, 2023 को उपायुक्त कुल्लू को सौंप चुका है। कंपनी के महाप्रबंधक प्रकाश चंद ने बताया कि कुल राशि को चार किस्तों में जिला प्रशासन को देने पर सहमति बनी है। इधर, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तहत 1 करोड़ 80 लाख रुपये मिलने से जल शक्ति विभाग दोनों तटों पर काम शुरू करने जा रहा है। राइट बैंक में पहले से तटीकरण का काम चल रहा है।
10 जुलाई 2023 को सैंज घाटी में भारी बारिश होने से नदी में जल स्तर बढ़ गया था। नदी में अचानक आई बाढ़ के कारण यह क्षेत्र बिजली आपूर्ति, संचार और सड़क संपर्क से कट गया और 88 पुश्तैनी घर जलमग्न हो गए। 24 दुकानें और खेती की भूमि का एक बड़ा क्षेत्र बह गया था। सैंज बाजार की 150 दुकानें प्रभावित हुईं। लोग नदी का तटीकरण करने की मांग उठा रहे थे। कल्पना शर्मा, जयवंती देवी, यान सिंह नेगी और नारकली देवी ने बताया कि नदी किनारे बसे लोगों की सुरक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध करने चाहिए।
उधर, एडीएम कुल्लू अश्वनी कुमार ने बताया कि सैंज घाटी में बहने वाली पिन पार्वती नदी के दोनों किनारों का तटीकरण किया जा है। जल शक्ति विभाग को काम सौंपा गया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तहत एक करोड़ 80 लाख रुपये जारी किए गए हैं। सैंज घाटी में विद्युत परियोजनाओं का संचलन कर रही कंपनी एनएचपीसी से भी राशि मंजूर हुई है।