कुल्लू। जिले में मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है। अचानक ठंड और गर्मी होने की वजह से बच्चे खासकर शून्य से पांच साल तक के शिशु डायरिया और निमोनिया की चपेट में न आएं, इसके लिए विभागीय तौर पर तैयारी की गई है।
जिले के बड़े अस्पतालों के साथ सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवा और ओआरएस की उपलब्धता करवाई गई है। जिले में बच्चों में निमोनिया के गंभीर लक्षण देखने को नहीं मिले हैं, लेकिन डायरिया के मामले जरूर सामने आए हैं। ऐसे में विभागीय तौर पर सतर्कता बरती जा रही है।
आशा कार्यकर्ता से लेकर पर्यवेक्षक और चिकित्सकों को अलर्ट रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। मौसम के लगातार करवट बदलने के कारण बच्चे उपरोक्त बीमारियों की चपेट में न आएं, इसके लिए बाकायदा 15 दिवसीय सघन दस्त पखवाड़ा भी आयोजित किया गया था। 28 मार्च तक चले इस पखवाड़ा में बच्चों को घरद्वार पर जिंक और ओआरएस की उपलब्धता भी करवाई गई है। इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों के लिए दवा भेजी गई है।
.............
कुल्लू में डायरिया और निमोनिया को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। दवाओं के साथ ओआरएस की खेप हर स्वास्थ्य केंद्र तक उपलब्ध करवाई गई है। कहा कि विभागीय तौर पर बीमारियों से निपटने की तैयारी पूरी है।
-डॉ. एनआर पवार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कुल्लू