कुल्लू। प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने रोकथाम की तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला कुल्लू में भी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से 25 अगस्त को जारी पत्र के बाद स्वाइन फ्लू की रोकथाम और नियंत्रण के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। इंफ्लुएंजा ए, एच1एन1, एच3एन2 और इंफ्लुएंजा बी समेत विभिन्न वायरस से यह संक्रमण हो सकता है।
जिले में अभी तक स्वाइन फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है। इसके बावजूद विभाग ने एहतियात के तौर पर एडवाइजरी जारी कर निगरानी बढ़ा दी है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, छींक आना, गले में दर्द, नाक बहना, दस्त और शरीर में दर्द शामिल हैं।
गर्भवती महिलाओं, छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों, 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों, दमा और मधुमेह के मरीजों तथा कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणजीत सिंह ठाकुर ने लोगों से चिकित्सक की सलाह के बिना कोई दवा न लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए विभाग पूरी तरह सतर्क है और सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद