दरअसल, आईटीबीपी ने श्री खंड महादेव शिखर अभियान के लिए कुल्लू प्रशासन से अनुमति मांगी थी। आईटीबीपी की ओर से यह अभियान 30 अगस्त से 5 सितंबर तक चलाया जाना था। प्रशासन की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि 27 जून को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत जारी आदेश में श्रीखंड महादेव यात्रा-2026 को रद्द कर दिया गया था।
संयुक्त निरीक्षण दल ने भीमद्वारी और पार्वती बाग के बीच के मार्ग को तीव्र ढलानों, अस्थिर, ढीली मिट्टी, संकरे, फिसलन वाले हिस्सों और कई नालों के कारण यात्रियों के लिए अत्यधिक खतरनाक बताया था। वैकल्पिक मार्ग की जांच में भी स्थिति सुरक्षित नहीं पाई गई। निरीक्षण रिपोर्ट में भूस्खलन, पत्थर गिरने, अचानक बाढ़ और जल बहाव बढ़ने जैसी प्राकृतिक आपदाओं की आशंका जताई गई है। भीमद्वारी और पार्वती बाग के बीच का क्षेत्र बढ़े हुए जल बहाव और मलबे की चपेट में आने के लिहाज से संवेदनशील बताया गया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र को उच्च जोखिम वाला क्षेत्र मानते हुए यात्रा मार्ग पर किसी तरह के अस्थायी ढांचे या सहारे की व्यवस्था को भी अपर्याप्त बताया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।