बंजार/गुशैणी (कुल्लू)। तीर्थन घाटी के जिभी और फलाचन क्षेत्र की नदियों और नालों में डेनमार्क की ब्राउन ट्राउट तैयार होंगी। मत्स्य विभाग ने मत्स्य संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन और एंगलिंग (मत्स्य आखेट) पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 20,000 ब्राउन ट्राउट बीज का संचयन किया है।
विभाग ने डेनमार्क से आयातित उच्च गुणवत्ता वाली ब्राउन ट्राउट प्रजाति के बीज में लगभग 10,000 तीर्थन घाटी के बठाहड़, तुंग और गुशैणी क्षेत्र में और 10,000 बीज फलाचन नदी और जिभी-घ्यागी क्षेत्र के विभिन्न जल स्रोतों में डाला गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ उपमंडलाधिकारी बंजार पंकज शर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि तीर्थन घाटी देश-विदेश के पर्यटकों और एंगलिंग प्रेमियों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। नदियों में गुणवत्तायुक्त ट्राउट बीज के संचयन से भविष्य में मत्स्य उत्पादन बढ़ेगा।
इससे स्थानीय लोगों की आजीविका, पर्यटन गतिविधियों और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिलेगा। वरिष्ठ मत्स्य अधिकारी, ट्राउट फार्म हामणी, दुनीचंद आर्य ने बताया कि विभाग द्वारा नियमित रूप से नदी तंत्र में मत्स्य बीज संचयन कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं, जिससे प्राकृतिक जल स्रोतों में ट्राउट मछलियों की संख्या बनी रहे।