मनाली। पर्यटकों से गुलजार रहने वाली पर्यटन नगरी में होली उत्सव के बाद चहल पहल कम हो गई है। पर्यटन स्थलों में पर्यटकों की संख्या कम हो गई है। होटलों में आक्यूपेंसी 25 से 30 प्रतिशत ही रह गई है। अब कारोबारियों को वीकेंड से उम्मीद है।
मनाली का मालरोड जहां मई और जून में पैक रहता है, वहीं आजकल कुछेक पर्यटक ही नजर आ रहे हैं। सोलंगनाला, अटल टनल, हामटा में भी नाममात्र पर्यटक ही देखे जा रहे हैं। ग्रीन टैक्स बैरियर के आंकड़ों के अनुसार आजकल महज 500 पर्यटक वाहन ही मनाली आ रहे हैं। इनमें भी बाइकरों की संख्या ज्यादा है।
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष रोशन ठाकुर ने बताया कि 23 जनवरी को भारी बर्फबारी के कारण पर्यटकों को असुविधा झेलनी पड़ी थी। कुछ पर्यटकों ने सोशल मीडिया पर कुल्लू मनाली के हालात को गलत तरीके से दर्शाया था । उसका असर अब तक देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हालांकि चंडीगढ़-मनाली सड़क की स्थिति भी अब सुधर चुकी है।
मनाली और इसके आसपास इलाकों में बर्फ भी काफी मात्रा में है और घाटी में कई खेल गतिविधियां चल रही हैं। बावजूद आजकल होटलों में ऑक्यूपेंसी 25 से 30 प्रतिशत रह गई है। होटल कारोबारी गौतम ठाकुर का कहना है कि आजकल बच्चों की परीक्षाएं चल रही हैं। इस वजह से भी पर्यटकों का आना कम है। उन्होंने आशा जताई कि 15 अप्रैल के बाद मनाली में पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा l संवाद