अधिकारियों के साथ की बैठक, दिशा निर्देश जारी किए
कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण को लेकर भी कार्य करने को कहा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। शहर में घूमने वाले लावारिस कुत्तों को लेकर अब अब जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। कुत्तों की समस्या को लेकर उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस रवीश ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ वीरवार को बैठक की और उन्हें इस दिशा में गंभीर प्रयास करने के निर्देश दिए।
अमर उजाला ने भी इस समस्या को प्रमुखता से उठाया है। लिहाजा इस पर अब जिला प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लेने के लिए बैठक बुलाई है।
इसमें नगर परिषद, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पशुपालन विभाग के प्रमुख अधिकारियों ने भाग लिया। उपायुक्त ने लावारिस कुत्तों की बढ़ती आबादी और उनसे उत्पन्न होने वाली समस्याओं पर गहन चर्चा की और प्रभावी समाधान के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
उन्होंने पशुपालन विभाग, नगर परिषद को पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम के तहत लावारिस कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। नसबंदी के लिए मोबाइल टीमों के गठन और निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्य प्राप्त करने पर जोर दिया गया। उन्होंने नगर परिषद और ग्रामीण विकास विभाग को नसबंदी और टीकाकरण के लिए आवारा कुत्तों को पकड़ने और छोड़ने में पशुपालन विभाग की सक्रिय रूप से मदद करने का निर्देश दिया गया है।
सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में लावारिस कुत्तों की संख्या और नसबंदी वाले कुत्तों का सटीक डाटा जुटाने और नियमित रूप से उसकी निगरानी करने के निर्देश दिए। कुत्तों के लिए अस्थायी आश्रय स्थल बनाने की संभावना तलाशने और बीमार या घायल कुत्तों के उपचार एवं पुनर्वास के लिए उचित व्यवस्था करने पर बल दिया।
उपायुक्त ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेशों का सख्ती से पालन करना प्राथमिकता है। लावारिस कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए सभी विभागों को मिलकर एक मानवीय और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना होगा।