संयुक्त निरीक्षण में असुरक्षित किए गए घोषित
भारी नुकसान पहुंचा चुके हैं पेड़, काटने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली (कुल्लू)। पर्यटन नगरी मनाली में देवदार के 50 से अधिक पेड़ खतरा बने हुए हैं। सूखे पेड़ तेज हवा और बर्फबारी के दौरान टूट कर कभी भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि प्रशासन ने इन पेड़ों को असुरक्षित घोषित कर काटने के आदेश दिए हैं, लेकिन वन विभाग पेड़ों को काटने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा।
मनाली शहर के साथ लगते वन बिहार में कई पेड़ सूखे हुए हैं। सर्दियों में दो बार देवदार के पेड़ टूटने से भारी नुकसान हुआ था। अग्निशमन कार्यालय, फोरलेन पुल, भूतनाथ मंदिर और पुलिस थाना के समीप पेड़ों के टूटने से वाहनों को नुकसान हुआ। इसके बाद प्रशासन की अगुवाई में विभिन्न विभागों ने संयुक्त निरीक्षण कर लगभग 50 ऐसे पेड़ चिह्नित किए, जो कभी भी गिर सकते हैं। इन पेड़ों को असुरक्षित घोषित कर काटने के आदेश दिए गए हैं। गौरतलब है कि दो दिन पहले ही मनाली में एक पेड़ गिरकर सर्किट हाउस की छत पर गिर गया था। हालांकि, इस हादसे में किसी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ। पर्यटन नगरी मनाली में हर साल हजारों की संख्या में सैलानी सैरसपाटे के लिए पहुंचते हैं। अधिकतर सैलानी वन विहार में समय बिताते हैं। ऐसे में असुरक्षित पेड़ कभी भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
एसडीएम मनाली रमन कुमार शर्मा ने बताया कि सर्दियों में पेड़ों के गिरने से हुए नुकसान के बाद शहर से सटे जंगलों का निरीक्षण किया गया था, जिसमें लगभग 50 पेड़ असुरक्षित घोषित कर काटने के आदेश दिए हैं। इनमें वन बिहार और मीट मार्किट के पेड़ शामिल हैं।