कुल्लू। पार्वती वैली की पीणी क्षेत्र की आराध्य माता भागासिद्ध के सम्मान में तलपीणी में शाउण मेला धूमधाम से मनाया। मेले में माता भागासिद्ध के साथ माता चामुंडा, देवता नारायण और पड़ेई की माता तारा पंटती भी लाव लश्कर के साथ शामिल हुईं। देवी-देवताओं का देवमिलन देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। वहीं, ढोल-नगाड़ों के साथ ग्रामीणों ने मेले में नाटी भी डाली।
मेले का आकर्षण विशेष प्रकार की देवखेल रही। शरीर पर कांटों की तरह चुभने वाली बिच्छू बूटी के साथ आधा दर्जन से अधिक गूरों ने देवखेल की। देवखेल कर गूरों ने न केवल बिच्छू बूटी को मसल दिया बल्कि उसे यहां पर देवखेल को देखने आए लोगों के ऊपर भी आशीर्वाद के तौर पर फेंका।
इस नजारे को लोगों और पर्यटकों ने अपने कै मरों में भी कैद किया। माता भागासिद्ध के पुजारी महिंद्र ठाकुर ने कहा कि दोपहर बाद देवी-देवताओं के रथों को मंदिर से बाहर निकाला गया। इसके बाद देवताओं ने देवनृत्य किया। देवताओं के साथ ग्रामीण भी देवधुनों पर जमकर थिरके। उन्होंने कहा कि पड़ेई की माता तारा पंटती भी मेले में लाव लश्कर के साथ पहुंची हैं। माता भागासिद्ध और तारा पंटती का देव परंपरा के अनुसार देवमिलन हुआ। उन्होंने कहा कि शाउण मेले में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने देवी-देवताओं के समक्ष शीश नवाया है। माता की ओर से आशीर्वाद के तौर पर श्रद्धालुओं को बैठर दिया गया।