सैंज (कुल्लू)। सैंज घाटी में वीरवार रात आंधी-तूफान के साथ हुई ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। रैला क्षेत्र के मझग्रा, गोरन, धलियार और भाटकंडा गांवों में खेतों में खड़ी फसलें ओलों की चपेट में आ गईं। इससे कई बीघा भूमि पर उगाई गई फसलें खराब हो गई हैं और किसानों की चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीण तापे राम, चंदे राम, रूप चंद, केशव राम, नरोत्तम, ज्ञान सिंह, लीलाधर, हुकमी राम, युगल किशोर आदि ने बताया कि ओलावृष्टि से मक्की, राजमाह, आइसबर्ग, बंदगोभी, जापानी, प्याज की पनीरी और मटर की फसलों को नुकसान हुआ है। रात के समय ओले गिरने से किसानों को फसलों को बचाने का मौका तक नहीं मिला।
किसानों ने बताया कि महीनों की मेहनत के बाद फसलें तैयार की थीं, लेकिन ओलावृष्टि ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतीबाड़ी आजीविका का प्रमुख साधन है। ऐसे में फसलें खराब होने से परिवारों की आय पर असर पड़ने की आशंका है। प्रभावित किसानों ने संबंधित विभाग से मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन करने की मांग की है। साथ ही प्रशासन से नियमानुसार राहत राशि उपलब्ध करवाने का आग्रह किया है।
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ओलावृष्टि और अंधड़ से किसानों और बागवानों की फसलों को नुकसान होने की सूचना मिली है। क्षेत्र के हलका पटवारी को मौके पर जाकर फसलों के नुकसान का आकलन करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि किसानों और बागवानों को हुए नुकसान की भरपाई की जा सके।
-नरेंद्र कुमार, तहसीलदार सैंज