न्यूली (कुल्लू)। सैंज घाटी में बुधवार दोपहर बाद करीब 3 बजे मौसम ने अचानक करवट ली और कई क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि हुई। विशेषकर शांघड़, शैंशर और गाड़ापार पंचायत क्षेत्रों में ओलों की मार से फसलों और सब्जियों को व्यापक नुकसान पहुंचा है।
ओलावृष्टि से गेहूं और जौ की फसलें प्रभावित हुई हैं, वहीं सेब, प्लम, शाड़ी और आडू की फसलों को भी काफी क्षति पहुंची है। इसके अलावा सब्जियों की खेती पर भी इसका असर देखने को मिला है। ओलावृष्टि के बाद शांघड़ मैदान लगभग 200 बीघा क्षेत्र में सफेद हो गया, जिससे ऐसा प्रतीत हुआ मानो बर्फबारी हुई हो।
स्थानीय किसानों का कहना है कि सेब की फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ है, खासकर उन बागवानों को जिन्होंने ओलावृष्टि से बचाव के लिए हेलनेट नहीं लगाए थे। क्षेत्रवासियों प्रेम शर्मा, हीरा लाल शर्मा, गुमत राम, डोले राम, हीरू राम, प्रेम सिंह, देव राज और इंद्र दत्त ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का जल्द सर्वे कर मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कृषि एवं बागवानी विभाग की टीमों को मौके पर भेजकर नुकसान का आकलन करने की अपील की है। वहीं, एसडीएम बंजार पंकज शर्मा ने बताया कि नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी।
बारिश और तेज हवाओं ने किया परेशान
जिला मुख्यालय कुल्लू सहित अन्य क्षेत्रों में भी बारिश और तेज हवाओं ने लोगों को परेशान किया। तेज हवाओं के कारण धूल उड़ने के साथ पेड़ों के गिरने का खतरा बना रहा। पीपल जातर मेले के अस्थायी बाजार में भी दुकानदारों और लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई दुकानों की चादरें और टेंट भी उड़ गए।
सैंज घाटी के शांघड़ में हुई ओलावृष्ष्टि।-वीडीओग्रैब