जंगल में भड़की आग से भुंतर के साथ सटे नरोगी शरण गांव में लकड़ी के बने तीन मकान जलकर राख हो गए। हालांकि मिलने पर अग्निशमन विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हो गई। लेकिन, गांव से सड़क मीलों दूर होने से काष्ठकुणी शैली से बने मकानों को नहीं बचाया जा सका। आग से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। छह मुर्गें भी जिंदा जल गए हैं।
नुकसान का जायजा लेने नरोगी शरण गांव पहुंचे भुंतर के नायब तहसीलदार मोहन लाल ने बताया कि आग की चपेट में आए तीन मकानों में डेढ़ मंजिला मकान तिलू देवी का जल गया है। जबकि, एक ढाई मंजिला मकान भी आग की चपेट में आने से स्वाह हो गया है। मकान में गोपाल और भान चंद का परिवार रहता था। जबकि, तीसरा एक मंजिला घर चाननू देवी का था।
ग्रामीणों के मुताबिक गांव के साथ सटे जंगल में शरारती तत्वों की ओर से लगाई आग से रिहायशी मकानों में आग लगी है। उन्होंने कहा कि घर के साथ घास और झाड़ी होने से आग की लपटें लकड़ी के बने मकानों तक पहुंच गईं और पूरे गांव में अफरा-तफरा मच गई।
अग्निशमन विभाग कल्लू के अधिकारी दुर्गा दास ठाकुर ने बताया कि गांव सड़क से दूर होने के कारण दमकल वाहन मौके पर नहीं पहुंच सके। नायब तहसीलदार भुंतर मोहन लाल ने बताया कि आग से प्रभावित परिवारों को फौरी राहत दे दी गई है। आग से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है।