कुल्लू में बाल मजदूरी बढ़ती जा रही है। रोक के बावजूद बाहरी राज्यों से बाल मजदूर लाए जा रहे हैं। कुल्लू-मनाली के होटल-ढाबों में अकसर बालक मजदूरी करते देखे जा सकते हैं।
मंगलवार को चाइल्ड हेल्पलाइन ने पुलिस के सहयोग से मनाली, क्लाथ, पंद्रहमील और पतलीकूहल के होटलों, ढाबों और रेस्तरां में दबिश दी। इस दौरान सात बाल मजदूरों को होटल मालिकों के चंगुल से छुड़वाया। इन मजदूरों को चाइल्ड लाइन ने बाल कल्याण समिति के सुपुर्द किया है।
बाल कल्याण विभाग, पुलिस विभाग और चाइल्ड हेल्प लाइन बाल मजदूरों का स्थायी पता लगाने में जुट गए हैं। यह बाल मजदूर बिहार और नेपाल के हैं।
पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने मनाली से तीन, क्लाथ से एक, पंद्रहमील से दो और पतलीकूहल से एक बाल मजदूर को छुड़वाया है। ये रेस्तरां और ढाबों में काम कर रहे थे। चाइल्ड हेल्प लाइन के अनुसार ये दो-दो वर्षों से ढाबों में काम कर रहे थे। सात में से छह ने छठी और सातवीं कक्षा में स्कूल छोड़ दिया है।
जबकि एक बाल मजदूर ने स्कूल ही नहीं देखा है। चाइल्ड हेल्पलाइन कुल्लू-मनाली के डायरेक्टर केवल राम और समन्वयक पवन के कश्यप का कहना है कि सातों बाल मजदूरों को एएसआई गांधी राम के नेतृत्व में चलाए अभियान में छुड़ाया गया। उन्होंने बताया कि जल्द मेडिकल तथा अन्य औपचारिकताएं पूरी कर इन्हें आश्रय दिलाया जाएगा।
यह बाल मजदूर यहां कैसे और किसके द्वारा पहुंचाए गए हैं, इसकी गंभीरता से जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि कानूनी कार्रवाई कर मालिक पर केस दर्ज किया जाएगा। इनका स्थायी पता मिलने के बाद इन्हें इनके घर पहुंचाया जाएगा।