अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। हाईकोर्ट के आदेशों पर पार्वती घाटी के होटलों पर कार्रवाई के बाद अब एनएच के साथ पांच मीटर के दायरे में बने अवैध कब्जों को हटाया जाएगा। जिया से रामशिला तक प्रशासन ने करीब 150 भवन चिन्हित किए हैं। इनका एनएच के पांच मीटर के दायरे में अवैध निर्माण किया गया है। ऐसे भवनों की निशानदेही का काम पूरा हो चुका है।
हाईकोर्ट के आदेश पर होने वाली कार्रवाई को लेकर कब्जाधारकों में हड़कंप मचा हुआ है। इसमें प्रशासन ने राजस्व विभाग के साथ मिलकर निशानदेही की प्रक्रिया पूरी कर ली है। पांच मीटर के दायर में बने भवनों को चिन्हित कर लिया गया है। हालांकि चिन्हित किए गए सभी भवनों में से कुछ भवनों को नहीं छेड़ा जाएगा। एनएच निर्माण से पहले बने भवनों को फिलहाल नहीं छेड़ा जाएगा। गौर रहे कि लेफ्ट बैंक में जिया-रामशिला मार्ग को एनएच बनकर करीब छह से सात साल का समय हो गया है। इस अवधि के दौरान जिन लोगों ने भी एनएच के पांच मीटर के दायरे में निर्माण किया है, उन भवन मालिकों पर कार्रवाई होना तय है। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। हाईकोर्ट के आदेश को प्रशासन सख्ती से लागू करवाने में जुटा हुआ है। जिलाभर में हाईकोर्ट व एनजीटी के आदेश पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन लगातार कार्रवाई कर इसकी रिपोर्ट कोर्ट को सौंप रहा है। उधर, इस संबंध में एसडीएम डॉ. अमित गुलेरिया ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर नेशनल हाईवे के साथ पांच मीटर के दायरे में बने अवैध कब्जों को हटाया जाएगा। जिया से रामशिला के बीच अभी तक 150 भवन चिन्हित हुए हैं। इसकी सूची तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि भवनों की निशानदेही पूरी हो गई है। अब पांच मीटर के दायरे में बने अवैध कब्जे हटाए जाएंगे।