अमर उजाला ब्यूरो
सैंज/न्यूली कुल्लू। सुचैहण पंचायत के अपरनाही गांव में आईपीएच के पेयजल टैंक से युवक के शव मिलने की घटना कई तरह के संदेह पैदा कर रही है। टैंक काफी ऊंचाई पर है। ऐसे में रोशन वहां तक क्यों और कैसे पहुंचा ? आईपीएच कर्मियों ने पांच अक्तूबर को ही टैंक में ब्लीचिंग पाउडर डालकर ताला लगा दिया था। फिर इस ताले को किसने तोड़ा ? ऐसे कई सवाल इस पूरे घटनाक्रम को उलझा रहे हैं।
26 हजार लीटर क्षमता वाले पानी के टैंक से घाटी के शचेउगी, बीजल, सराहन, शरन तथा भुरठ के गांवों के सैकड़ों लोगों को पानी पिलाया गया। आईपीएच कर्मियों के अनुसार पांच अक्तूबर को ही टैंक में ब्लीचिंग पाउडर डाला गया था। उस पर ताला लगाकर कर्मी लौट आए थे। वहीं, पेयजल टैंक काफी ऊंचाई पर बना है। ताला टूटा पाया गया है और युवक के टैंक तक पहुंचना भी सामान्य बात नहीं है। सुचैहण पंचायत के अपरनाही गांव के लोगों ने मृतक युवक को पांच अक्तूबर को मेला स्थल पर देखा था। जबकि युवक का शव दो दिन बाद टैंक से बरामद किया गया। आईपीएच विभाग लारजी के सहायक अभियंता अश्विनी कुमार ने कहा कि वह बुधवार को मौके पर गए थे। टैंक का निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि टैंक का ताला तोड़ा हुआ पाया गया है। लेकिन यह घटना कैसे हुई है यह जांच का विषय है। उधर, सुचैहण पंचायत के आधा दर्जन गांवों के लोगों ने आईपीएच पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पंचायत प्रधान रेवती राम ने कहा कि आईपीएच विभाग के अपरनाही में बना पेयजल टैंक पंचायत के आधा दर्जन गांवों को पानी की आपूर्ति कराता है।