तांदी-किलाड़ में बीआरओ के जवानों ने संभाला है मोर्चा
हर कोई कर रहा जवानों के हौसले और कार्य की तारीफ
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। माइनस तापमान के बीच जहां लाहौल घाटी में पानी जम रहा है, वहीं इतनी ठंड में सीमा सड़क संगठन के जवान सड़क हादसों के बचाव के लिए क्रैश बैरियर लगाने के कार्य को अंजाम दे रहे हैं।
जितना आसान यह नजर आता है, माइनस तापमान के बीच यह काम करना आसान नहीं है। सीमा सड़क संगठन में तैनात जवानों के हौसले की हर कोई तारीफ कर रहा है। हालांकि इस बार घाटी में कम बर्फबारी हुई है, लेकिन दिन के समय भी सर्द हवा चलने से हाथ-पांव अकड़ रहे हैं। ऐसे मौसम में भी जवान सड़क किनारे क्रैश बैरियर लगाने के साथ सड़कों की दशा सुधारने में लगे हुए हैं। खासकर बर्फबारी के मौसम में वाहनों के फिसलने का सड़क में अधिक खतरा रहता है, ऐसे में क्रैश बैरियर सड़क दुर्घटनाओं की सुरक्षा में अहम साबित होंगे।
लाहौल घाटी में इन दिनों तापमान दिन के समय शून्य से पांच डिग्री सेल्सियस तक चल रहा है। रात के तापमान में तो भारी गिरावट दर्ज है। तांदी से किलाड़ तक जगह-जगह सड़क सुधारीकरण के साथ क्रैश बैरियर लगाने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। आने वाले समय में सड़क का विस्तारीकरण भी होना है, लेकिन उससे पहले सड़क को बेहतर किया जा रहा है। उपायुक्त राहुल कुमार ने सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों और जवानों के कार्यों की प्रशंसा की है। सीमा सड़क संगठन (94 आरसीसी) के ओसी सीपी विसाग ने कहा कि तांदी से लेकर किलाड़ तक जगह-जगह सड़क सुधारीकरण कार्य के तहत दुर्घटनाओं के खतरे वाली जगहों पर क्रैश बैरियर लगाए जा रहे हैं।