राशन किट भी दीं, बठाहड़-सरूट-बशलेउ मार्ग पर कभी भी हादसे का कारण बन सकती हैं चट्टानें
भूस्खलन के बाद घलियाड़ गांव में भी स्थिति सामान्य नहीं, प्रशासन ने खाली करवाए 10 मकान
संवाद न्यूज एजेंसी
बंजार (कुल्लू)। बठाहड़ में कुबनी गांव में छह घरों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। बठाहड़-सरूट-बशलेउ मार्ग पर बड़ी चट्टान के पीछे दरारें आ गई हैं।
दरारें आने के बाद बड़ी चट्टान कभी भी लुढ़क सकती है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने कुबनी गांव के सात परिवारों के 37 लोगों को सुरक्षित स्थान पर टेंटों में ठहरा दिया है। प्रशासन की ओर से उन्हें राशन किट भी दी गई हैं। प्रशासन को कुबनी गांव में लोगों के मकानों को खतरा होने की बात पता चली तो शनिवार को एसडीएम बंजार लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवारों के साथ बातचीत की और हरसंभव सहायता करने का आश्वासन दिया। ग्रामीण दरबारी लाल, कुरम दत्त, रपिंद्र, गोलू, हिम सिंह, श्याम लाल और रिंकू ने बताया कि सड़क के ऊपर एक बड़ी चट्टान के पीछे दरारें आ गई हैं। इससे गांव को खतरा हो गया है। अगर यह चट्टान नीचे खिसकती है तो जानमाल का नुकसान होगा। ग्रामीणों की समस्या का जल्द समाधान किया जाए। लोग अब हादसे के डर से अपने घर में भी नहीं जा पा रहे हैं। गौर रहे कि इसी घलियाड़ गांव में भूस्खलन से एक मकान को भी क्षति पहुंची है।
दूसरी ओर, घलियाड़ गांव में भूस्खलन के बाद अभी स्थिति सामान्य नहीं हुई है। प्रशासन ने 10 मकानों को खाली करवाया है। पंचायत कोठीचैहणी में धार गांव के पास भूस्खलन से पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पंचायत प्रधान पूर्ण चंद ने कहा कि लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
एसडीएम बंजार पंकज शर्मा ने कहा कि कुबनी गांव के सात परिवारों को राशन किट दी गई हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को बड़ी चट्टान का समाधान करने के लिए कहा गया है। प्रशासन बरसात को देखते हुए स्थिति पर नजर रखे हुए है।