खतरा होगा कम... प्रशासन आज से शुरू करेगा झील से जलनिकासी का काम
एनएचपीसी के सिउंड बांध से तीन किलोमीटर पीछे बनी है कृत्रिम झील
सितंबर में ही प्रशासन ने जारी किए थे 18 घरों को खाली करने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
सैंज/कुल्लू। सैंज घाटी के जीवानाला पर बनी कृत्रिम झील के खतरे को कम किया जाएगा। कृत्रिम झील की नियंत्रित जल निकासी की जाएगी। झील के एकदम पानी छोड़ने के बजाय नियंत्रित तरीके से छोड़ा जाएगा।
यह कार्य प्रशासन 25 अक्तूबर से शुरू करेगा। हालांकि कृत्रिम झील से नियंत्रित जल निकासी के दौरान भी जीवानाला और इसके बाद पिन पार्वती नदी का जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से नदी-नाले से दूर रहने की अपील की है।
गौर रहे कि जीवानाला में शरण बिहाली क्षेत्र में आपदा के बाद यह झील बनी थी। किसी तरह का नुकसान न हो, इसके लिए सितंबर के दूसरे सप्ताह में प्रशासन ने 18 मकानों को खाली करने के निर्देश दिए थे। पार्वती परियोजना प्रबंधन से भी डैम से पानी का बहाव नियंत्रित करने और सायरन सिस्टम को सक्रिय रखने को कहा था। कृत्रिम झील से फिलहाल पानी का बहाव सामान्य है लेकिन अधिक बारिश या मलबे से रास्ता बंद होने की स्थिति में तेज बहाव की आशंका जताई जा रही है। बरसात का दौर अब थम चुका है। ऐसे में अब कृत्रिम झील को हटाना प्रशासन के लिए आसान हो सकता है।
एसडीएम बंजार पंकज शर्मा ने कहा कि पार्वती परियोजना-तीन सिउंड बांध से लगभग तीन किलोमीटर पीछे जीवानाला में कृत्रिम झील बनने के कारण 25 अक्तूबर से इसमें नियंत्रित जल निकासी की जाएगी। इस दौरान जल स्तर में अचानक वृद्धि होने की संभावना है। जनता, पशुपालकों, निर्माण कार्य करने वाले मजदूरों और नदी के किनारे रहने वाले व्यक्तियों से नदी-नालों के किनारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और जान-माल की सुरक्षा और सतर्क रहने की अपील की गई है।