51 साल पुराना राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल का भवन बदहाल, छत की चादरें खस्ताहाल
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. एक साल पहले जमा कराई थी 10 लाख रुपये की किस्त, लेकिन नहीं हो रही मरम्मत . स्कूल में 199 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे, अभिभावक सुरक्षा को लेकर चिंतित हरिकृष्ण शर्मा आनी (कुल्लू)।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुंगश का 51 साल पुराना भवन बदहाल हो चुका है। लकड़ी और पत्थर से बने स्कूल भवन की छत की चादरें खस्ताहाल हो गई हैं। जर्जर भवन में पढ़ रहे विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक भी चिंतित हैं। हालात यह हैं कि बारिश होने पर स्कूल की छत से पानी टपकने लगता है।
इससे 199 विद्यार्थियों और स्कूल प्रबंधन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्कूल भवन की मरम्मत के लिए करीब 35 लाख रुपये का एस्टीमेट स्वीकृत है। हालांकि, लोक निर्माण विभाग के पास 10 लाख रुपये की पहली किस्त एक साल से जमा है। इसके बावजूद विभाग की ओर से मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया जा सका है। इस स्कूल में क्षेत्र की करीब पांच पंचायतों के बच्चे पढ़ने आते हैं। कुंगश पंचायत प्रधान सीमा देवी ने बताया कि स्कूल भवन की हालत काफी खराब हो चुकी है।
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उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्य के लिए 10 लाख रुपये की पहली किस्त जारी हो गई है, जो लोक निर्माण विभाग के पास जमा है। पूरे कार्य का एस्टीमेट करीब 35 लाख रुपये का है। नियमानुसार पहली किस्त खर्च होने के बाद ही अगली किस्त जारी होनी है, लेकिन लोक निर्माण विभाग की ओर से अभी तक कार्य शुरू नहीं किया जा रहा है।
मरम्मत कार्य जल्द शुरू होना जरूरी
प्रधानाचार्य प्रबोध ठाकुर ने बताया कि विद्यालय में 199 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। शिक्षा विभाग ने मरम्मत कार्य के लिए पहली किस्त लोक निर्माण विभाग के पास जमा करवा दी है। उन्होंने कहा कि भवन की स्थिति को देखते हुए मरम्मत कार्य जल्द शुरू होना जरूरी है।
स्कूल प्रबंधन प्रस्ताव पारित करे
लोक निर्माण विभाग के उपमंडलीय अधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि स्कूल प्रबंधन प्रस्ताव पारित करे। प्राथमिकता के आधार पर भवन की पुरानी छत को बदलकर नई छत लगाने का प्रस्ताव पारित किया जाए। इसके बाद कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
कुंगश पंचायत प्रतिनिधियों और स्कूल प्रशासन ने इस समस्या को लेकर बातचीत की है। लोक निर्माण विभाग को जल्द आवश्यक कार्रवाई करने के आदेश जारी किए जाएंगे। साथ ही, वह स्वयं भी कुंगश स्कूल का निरीक्षण करेंगे। इससे भवन की वास्तविक स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे। -लक्ष्मण सिंह कनेट, एसडीएम आनी