बोले- घाटी में नहीं होने दिया जाएगा विनाशकारी परियोजना का निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
उदयपुर/सिस्सू। हिमाचल सरकार की ओर से तेलंगाना सरकार के साथ लाहौल-स्पीति में जनभावनाओं के विरुद्ध हाइड्रो प्रोजेक्ट्स का समझौता करना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसका विरोध करते हैं।
यह बात लाहौल-स्पीति के पूर्व विधायक एवं मंत्री रहे डॉक्टर राम लाल मारकंडा ने कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने तेलंगाना सरकार के साथ मयाड घाटी में 120 मेगावाट और शेली में 400 मेगावाट जलविद्युत परियोजनाओं के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।
डॉ. रामलाल ने कहा कि यह समझौता लाहौल-स्पीति की भौगोलिक स्थिति को देखकर तुरंत निरस्त करने चााहिए। उन्होंने लाहौल-स्पीति की जनता से कहा कि वह हमेशा लाहौल-स्पीति की जनता के साथ है। इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। इस तरह के विनाशकारी परियोजना को बनाने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार लाहौल-स्पीति जिले के अस्तित्व को समाप्त करने पर तुली हुई है। मारकंडा ने कहा कि लाहौल-स्पीति में पूर्व में बनने वाले लगभग 11 जल विद्युत परियोजना को समाप्त कर दिया था। उन्होंने सरकार में रहते हुए भी सार्वजनिक तौर पर जलविद्युत परियोजनाओं का विरोध किया है और आगे भी किया जाएगा।