केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की समन्वय समिति ने राष्ट्रीय आह्वान पर बुधवार को ढालपुर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान विभिन्न यूनियनों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सरवरी से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक रैली निकाली। रैली में केंद्र सरकार के खिलाफ मजदूरों ने जमकर नारेबाजी की। इस अवसर पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए एटक नेता राजेश्वर पॉल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जनता को अच्छे दिन आने का वायदा किया था, लेकिन गरीबों के अच्छे दिन तो आए नहीं।
पूंजीपतियों और अमीरों के वाकई अच्छे दिन आ गए हैं। पूंजीपतियों का मुनाफा हर दिन बढ़ता जा रहा है। सीटू के राज्य उपाध्यक्ष प्रेम गौतम ने कहा कि यह सरकार महंगाई कम करने में नाकाम रही है। पिछले 15 महीनों से सरकार जनता विरोधी नीतियों को लागू कर रही है। देश में मौजूदा 44 कानूनों को खत्म कर चार श्रम कोड बनाने की कोशिश की जा रही है। इससे मजदूरों को यूनियन बनाने के अधिकार से वंचित होना पड़ेगा। वहीं, परिवहन महासंघ (इंटक) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश शर्मा ने कहा कि मोदी सरकार सड़क सुरक्षा अधिनियम 2014 को संसद में पास करने की कोशिश कर रही है।
इस बिल का परिवहन से जुड़े हुए दो करोड़ कामगारों ने देशव्यापी हड़ताल कर विरोध किया। वहीं मिड-डे-मील वर्कर यूनियन की राज्य अध्यक्ष कांता महंत ने कहा कि मिड-डे-मील कार्यकर्ताओं को 12 माह के वेतन के साथ ही सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। मजदूर संगठनों ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने मजदूर और कर्मचारी विरोधी नीतियों को वापस नहीं लिया तो भविष्य में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इस दौरान सीटू के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष सरचंद, आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन की जिलाध्यक्ष शकुंतला, एटक के किशोरी लाल, इंटक के दौलत राम जोशी, सीटू के जिला सचिव होतम सौंखला आदि मौजूद रहे।