संयुक्त समन्वय समिति के बैनर तले बुधवार को जिला में परिवहन निगम और निजी बस ऑपरेटर हड़ताल पर रहे। इससे करीब साढ़े तीन सौ रूटों पर बस सेवा पूर्ण रूप से ठप रही।
हालांकि, कुल्लू में निजी बस ऑपरेटर यूनियन के एक धड़े ने अपनी सेवाएं जारी रखीं। जबकि, ऑटो और टैक्सी वाले भी अपनी सेवाएं देते रहे, जिससे लोगों को थोड़ी-बहुत राहत जरूर मिलती रही। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में लोग घंटों तक सड़क किनारे बसों का इंतजार करते रहे। हड़ताल के कारण स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों और नौकरीपेशा वाले लोगों को भारी परेशानियों से दो-चार होना पड़ा। जिला के दूरदराज के लोगों को कई किलोमीटर पैदल चलकर अपने घरों तक पहुंचना पड़ा। हिमाचल प्रदेश परिवहन महासंघ (इंटक) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश शर्मा ने कहा कि परिवहन क्षेत्र विरोधी सड़क परिवहन और सुरक्षा बिल 2015 के खिलाफ कर्मचारियों ने हड़ताल की थी। उन्होंने दावा किया कि हड़ताल को भरपूर समर्थन मिला। वहीं, निजी बस ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष सरचंद ठाकुर ने कहा कि एक-दो ट्रांसपोर्टर्स को छोड़कर सभी ने इस बिल के विरोध में बस सेवाएं बंद रखीं। हड़ताल पूर्ण रूप से कामयाब रही।
विद्यार्थियों ने टैक्सियों में किया सफर
जिला में बसों की हड़ताल के कारण विद्यार्थियों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ा। बस सेवाएं बंद रहने से कई छात्रों को टैक्सियों में सफर कर अपने घरों तक पहुंचना पड़ा। वहीं, कुछ क्षेत्रों में छात्र समय पर अपने घर नहीं पहुंच पाए। विद्यार्थियों को सरकारी बसों में मुफ्त सेवा का लाभ न मिलने के कारण परेशानी हुई।
टैक्सी चालकों ने खूब कूटी चांदी हड़ताल के कारण जिला के ग्रामीण रूटों पर चलने वाले टैक्सी तथा अन्य वाहनों के चालकों ने मौके को भुनाते हुए खूब चांदी कूटी। बसें न होने की स्थिति में ग्रामीण क्षेत्र के कई लोगों को मजबूरन इन निजी गाड़ियों में सफर करना पड़ा।