बिजली महादेव मंदिर में यदि आप रात को 10 बजे के बाद भोले के जयकारे करते हुए पहुंचते हैं तो आपको बेशक भोले के दीदार तो हो जाएंगे। हालांकि सोने के लिए सराय की सुविधा से वंचित होना पड़ सकता है। सुबह 5 बजे से रात को 10 बजे तक ही श्रद्धालुओं को मंदिर कमेटी की ओर से सुविधाएं और सहूलियतें जुटाई जाएंगी। देर रात को यहां पहुंचने वाली श्रद्धालुओं की टोली पुजारी व अन्य कार-कारिंदों को परेशान करती हैं, इसी पर लगाम लगाने के लिए इस तरह का निर्णय लिया गया है।
गर्मियों का सीजन शुरू होते ही मंदिर में श्रद्धालुओं का जुटना शुरू हो गया है और यह क्रम अब जारी रहेगा। बिजली महादेव मंदिर प्रबंधक कमेटी के सचिव भुवनेश्वर सिंह बॉबी ने बताया कि हालांकि श्रद्धालुओं को हर सुविधाएं जुटाने के लिए मंदिर कमेटी अपनी ओर से हर संभव प्रयास करेगी, लेकिन रात को 10 बजे के बाद मंदिर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सराय सहित अन्य सुविधाएं नहीं मिल सकती हैं। पूर्व में भी इस तरह की कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा है।
बिजली महादेव मंदिर प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष राजेश कुमार के अनुसार श्रद्धालुओं को जागरूक करने के लिए रामशिला से लेकर जिया तक होर्डिंग्स भी लगाए जाएंगे। जिसमें श्रद्धालुओं से इस तरह की अपील की जाएगी। मध्य दिसंबर से लेकर मध्य मार्च तक बिजली महादेव मंदिर के कपाट पूरी तरह बंद रहेंगे। केवल शिवरात्रि के दौरान कपाट तीन दिनों के लिए खोले जाएंगे। उन्होंने मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मंदिर परिसर में सफाई व्यवस्था का विशेष ध्यान रखें। धारठ से लेकर बिजली महोदव मंदिर तक 50-50 मीटर की दूरी पर सशस्त्र सीमा बल की ओर कूड़ेदान लगाए गए हैं। मंदिर परिसर में शराब का सेवन करना किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।