सुबह-शाम शुष्क ठंड होने से वायरल की चपेट में आ रहे जिले के लोग
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में 1,300 के आसपास पहुंची ओपीडी
वायरल के साथ दमा और ब्रोंकाइटिस के मामलों में भी बढ़ोतरी
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में पिछले चार माह से बारिश नहीं हुई है। शुष्क ठंड लोगों को बीमार कर रही है। सुबह-शाम ठंड ज्यादा होने से लोग वायरल की चपेट में आ रहे हैं।
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में सर्दी-जुकाम, बुखार और खांसी के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अस्पताल की मेडिसिन, पुरुष और महिला सामान्य, शिशु रोग और आपातकालीन ओपीडी में वायरल के मरीजों की संख्या अधिक है। अस्पताल की ओपीडी 12,00 से 1,300 के बीच चल रही है। शुष्क और कड़ाके की ठंड से वायरल के साथ दमा, ब्रोंकाइटिस, एलर्जी और फेफड़ों के संक्रमण के मरीज भी लगातार बढ़ रहे हैं।
गौरतलब है कि बारिश न होने से तापमान में लगातार गिरावट आ रही है। सुबह और शाम के समय बढ़ती शुष्क ठंड लोगों के स्वास्थ्य के लिए चुनौती बनती जा रही है। जिले में खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों में सांस संबंधी रोगों का खतरा तेजी से बढ़ गया है। ऐसे में विभाग ने मौसम में आए इस बदलाव को देखते हुए सतर्कता बरतने की सलाह दी है। उधर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ताराचंद ने कहा कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाकर रखें और किसी भी लक्षण को हल्के में न लें। उन्होंने कहा कि मौसम के इस बदलाव के दौर में सतर्क रहना ही बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है।
ठंड से बचने के लिए यह करें
ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े, टोपी, मफलर और मोजे अवश्य पहनें। सुबह जल्दी और देर शाम के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें। घर के अंदर उचित वेंटिलेशन रखें ताकि दूषित हवा जमा न हो। गुनगुना पानी पीएं और स्वयं को हाइड्रेटेड रखें। खांसी, सांस फूलना, सीने में जकड़न जैसी समस्या बढ़ने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
सर्दी के मौसम में ठंड से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, इसलिए संतुलित आहार, विटामिन-सी युक्त फलों का सेवन शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। -डॉ. रणजीत ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कुल्लू