12 हजार हेक्टेयर में होगी मक्की की राजमा की बिजाई
सूखे के कारण किसान नहीं कर पा रहे जिला के किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
खराहल (कुल्लू)। जिले में शुक्रवार सुबह हुई बारिश खरीफ फसलों के लिए संजीवनी बन गई है। खेतों में पर्याप्त नमी होने से मक्की सहित दालों की बिजाई का काम किसान शुरू कर सकेंगे। नमी न होने से कई इलाकों में मक्की और राजमा की बिजाई नहीं हो रही थी।
बारिश खरीफ फसल के लिए वरदान साबित होगी। घाटी के किसान निक्का राम, सुरेश कुमार, चमन लाल, राम चंद, राजकमल और महेश कुमार ने कहा कि बारिश होने से खेतों में नमी आई है। ऐसे में किसान मक्की और दालों की बिजाई समय रहते कर पाएंगे।
कुल्लू जिले में करीब 12 हजार हेक्टेयर भूमि में खरीफ फसल की पैदावार होती है। किसानों ने कहा कि कई क्षेत्रों में पहले मक्की की बिजाई हो गई थी। उन इलाकों में बारिश के अभाव में फसल सूखने के कगार पर थी। बारिश होने से अब फसल में बढ़ोतरी होगी। सेब, नाशपाती और प्लम की फसल के लिए भी बारिश वरदान साबित होगी। बारिश से सेब और अन्य फलों का आकार और गुणवत्ता उम्दा होगी। किसान सभा के उपाध्यक्ष देवराज नेगी ने कहा कि नमी की कमी के कारण खरीफ फसल की बिजाई किसान नहीं कर पा रहे थे। अब बारिश होने से बिजाई का काम किसान समय रहते कर पाएंगे। कृषि उपनिदेशक सुशील शर्मा ने कहा कि बारिश होने से किसान मक्की, दालों और साग सब्जी लगाने का कार्य समय पर कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि जिले में 12 हजार हेक्टेयर भूमि में खरीफ फसल का उत्पादन होता है।