कुल्लू। भुंतर में ब्यास नदी पर बना वन-वे बैली ब्रिज फल और सब्जी सीजन में किसान-बागवानों के लिए परेशानी बन गया है। भले ही इस बार घाटी में पर्यटन गतिविधियां पूरी तरह से ठप हैं। इसके बावजूद भुंतर के पुल पर जाम से पार्वती व गड़सा घाटी के हजारों किसान-बागवान अपने उत्पाद को समय पर सब्जी मंडियों में नहीं पहुंचा पा रहे हैं। वहीं लेह को रवाना होने वाली सेना की कानवाई का काफिला भी यहां कई बार जाम में फंसा रहता है।
सुबह के समय फल और सब्जियों की सैकड़ों गाड़ियों के आने से कई बार किसान-बागवान सब्जी मंड़ियों में लगने वाली बोली में भी समय पर भाग नहीं ले पा रहे हैं। ऐसे में उन्हें अपने उत्पाद को मंडियों में कम दाम में बेचना पड़ रहा है। इन दिनों जिला कुल्लू में नाशपाती, रेड जून, फूलगोभी और मटर का सीजन जोरों पर चल रहा है। जबकि जिला के कुछ इलाकों में सेब का तुड़ान भी आरंभ हो गया है। भुंतर के वन-वे बैली ब्रिज से लग रहे जाम से न केवल पार्वती घाटी के साथ गड़सा क्षेत्र के लोगों बल्कि स्थानीय दुकानदारों के साथ राहगीर को भी आवाजाही में परेशानी हो रही है। इसको लेकर एनएच अथॉरिटी और सरकार के खिलाफ भारी रोष है।
बागवान मोहन लाल, किशन ठाकुर, कृष्ण चंद, प्रेम सिंह, भीम चंद, मोहर सिंह, प्रकाश चंद, केहर सिंह, ओम प्रकाश और नेत्र सिंह ने कहा कि वन-वे बैली ब्रिज वर्षों से किसान-बागवानों के लिए परेशानी बन गया है। उन्होंने कहा कि पुल को डबल लेन बनाने की प्रक्रिया कई सालों से चल रही है। लेकिन एनएच अथॉरिटी और सरकार इसका समाधान नहीं कर सकी है।
उधर, सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन भुंतर के अध्यक्ष खुशहाल ठाकुर ने कहा कि भुंतर बैली ब्रिज की समस्या पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। इसका खामियाजा क्षेत्र के किसान-बागवानों को उठाना पड़ रहा है।