कुल्लू। मौसम खुलने के बाद भी कुल्लू जिले में लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। कुल्लू-मनाली हाईवे-3 बुधवार को कई घंटो तक बंद रहा। ऐसे में दोपहर बाद बस सेवा के लिए हाईवे बहाल हुआ। लेकिन अभी भी जिले में 23 सड़कों पर यातायात और करीब दो एचआरटीसी बसें फंसी हैं।
औट-आनी-सैंज एनएच-305 पर पांच दिनों से निगम की बस सेवा ठप पड़ी है। धार्मिक स्थल मणिकर्ण को जोड़ने वाला भुंतर-मणिकर्ण मार्ग भी बड़े वाहनों के लिए अवरुद्ध है, जिससे सैलानियों के साथ आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह से प्रभावित हो गई है। जानकारी के अनुसार जिला कुल्लू में एचआरटीसी की दस बसें भी पांच दिनों से फंसी हैं। सबसे अधिक मणिकर्ण में पांच, आनी में तीन और बंजार में दो बसें फंसी हैं। इससे एचआरटीसी को लाखों रुपये को नुकसान हुआ है। जिले में मुख्य सड़कों के साथ 23 सड़कें पूरी तरह से बंद चल रही हैं। बंजार में सबसे अधिक 11, कुल्लू में छह, मनाली में चार और आनी निरमंड में दो सड़कों पर वाहनों के पहिये थमे हुए हैं। उधर, मनाली-लेह मार्ग 36 घंटे बाद बुधवार शाम को चार बजे खुला है। इससे रोहतांग में दो दिनों से फंसे सैलानियों, सब्जी, राशन से भरे ट्रक चालकों और सेना ने राहत की सांस ली है। घाटी में मौसम खुलने के बाद जिला कुल्लू में बागवानों ने सेब का तुड़ान शुरू कर दिया है। लेकिन कई सड़कों के बंद होने से उत्पाद को मंडियों तक ले जाने को लेकर बागवान चिंतित हैं। मूसलाधार बारिश से आई बाढ़ व भूस्खलन से पेयजल के साथ बिजली की समस्या भी कई क्षेत्रों में बनी हुई है। ऐसे में तीन दिनों की बारिश के बाद दो दिनों से जिले में मौसम साफ चल रहा है।
मौसम खुल गया और जनजीवन धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है। कुल्लू जिले में अवरुद्ध सड़कों, पेयजल और बिजली समस्या को तत्काल बहाल किया जा रहा है। संबंधित विभागों को बहाली के निर्देश दिए गए और प्रशासन पूरी नजर रखे हुए हैं।
अक्षय सूद, एडीएम कुल्लू