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Kullu News: बदलते मौसम में बीमार हो रहे बच्चे, निमोनिया के मामले बढ़े

Thu, 23 Oct 2025 09:46 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में उमड़ रही भीड़, रोजाना 120 के पार पहुंच रही ओपीडी
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बच्चों में पाए जा रहे सर्दी-जुकाम, बुखार और खांसी और छाती जाम होने के लक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में बदला मौसम लोगों को बीमार कर रहा है। नवजात शिशु और बच्चे अधिक संख्या में सर्दी-जुकाम, बुखार, खांसी की चपेट में आ रहे हैं।
बच्चों में निमोनिया की शिकायत भी देखने को मिल रही है। इस वजह से क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के चिल्ड्रन वार्ड में उपचार के लिए बच्चों को भर्ती करना पड़ रहा है। अस्पताल की शिशु रोग ओपीडी भी रोजाना 120 से अधिक चल रही है। ओपीडी के बाहर बच्चों का उपचार करवाने के लिए परिजनों की लाइनें लग रही हैं।
गौर रहे कि मौसम के परिवर्तन के कारण इन दिनों बच्चे वायरल और निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के मातृ-शिशु खंड की ओपीडी में भी उपचार के लिए लाइनें लग रही हैं। इनमें सर्दी-जुकाम, बुखार और खांसी और छाती जाम के लक्षण पाए जा रहे हैं। इन्हें परिजन उपचार करवाने के लिए अस्पताल ला रहे हैं। नवजात शिशुओं और बच्चों के वायरल की चपेट में आने से परिजनों की परेशानी बढ़ गई है। उधर, क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ताराचंद ने कहा कि मौसम परिवर्तन की वजह से वायरल फीवर की चपेट में आने का खतरा रहता है। उन्होंने कहा कि लोग मास्क का प्रयोग करें। खासकर वायरल के मरीज बच्चों से दूर रहें। बच्चों को आंखों में जलन, सिरदर्द, बदन दर्द, जुकाम-खांसी और उल्टी हो तो वायरल फीवर हो सकता है।
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बच्चे को नियमित अंतराल में पिलाएं पानी
बच्चे में पानी की कमी न होने दें। उसे नियमित अंतराल में पानी पिलाते रहेें। बच्चों को गर्म पानी ही पिलाएं। वह घर के आंगन में नंगे पैर न घूमें। परिजन जितना संभव हो सके बच्चे को पोषण युक्त भोजन दें। साफ-सफाई का ध्यान रखें, बच्चे के हाथों को अच्छे से धोएं। अगर बच्चा वायरल की चपेट में है तो उसे चिकित्सक की ओर से दी गई दवा का सेवन समय पर करवाएं और दवा को बीच में न छोड़ें। -एनआर पवार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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निमोनिया फेफड़ों का एक संक्रमण है जो बैक्टीरिया, वायरस या फफूंद के कारण होता है। इसमें फेफड़ों की वायु कोशिकाएं तरल पदार्थ या मवाद से भर जाती हैं। इसके परिणामस्वरूप खांसी, बुखार, ठंड लगना और सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण होते हैं। -डॉ. तेजिंन मंटूक, शिशु, रोग विशेषज्ञ
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