क्षेत्रीय अस्पताल में आने वाले अर्थराइटिस के मरीजों की संख्या 40 फीसदी बढ़ी
अस्पताल की हड्डी रोग ओपीडी में रोजाना पहुुंच रहे औसतन 120 से 130 मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में सर्दी के मौसम में वायरल के साथ अर्थराइटिस (जोड़ों में दर्द) के मरीज बढ़ रहे हैं। हड्डी रोग ओपीडी में मरीजों की संख्या में 35 से 40 फीसदी तक बढ़ोतरी हो गई है।
ठंड और ठिठुरन से जोड़ों के दर्द से ग्रस्त मरीज अधिक मिल रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू समेत नागरिक अस्पतालों में जोड़ों के दर्द के मरीजों की संख्या अधिक है। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में जोड़ों के दर्द का उपचार करवाने सैकड़ों मरीज पहुंच रहे हैं। हड्डी रोग ओपीडी में रोजाना औसतन 120 से 130 मरीज पहुुंच रहे हैं। जोड़ों और कमर दर्द के मरीजों के बढ़ने का कारण परिवर्तनशील मौसम को बताया जा रहा है। एकाएक मौसम बिगड़ने से लोगों में अर्थराइटिस संबंधी समस्याएं बढ़ी हैं।
अर्थराइटिस जोड़ों में होने वाली बहुत आम सी दिक्कत है, लेकिन समय पर उपचार न होने से समस्या बढ़ सकती है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की मानें तो ओपीडी में हड्डी रोग से संबंधित गंभीर रोगों के मरीजों की संख्या कम है। यह राहत भरी बात है। हालांकि, मौसम के बार-बार करवट लेने के कारण लोग जोड़ों के दर्द की चपेट में आ रहे हैं। इनमें कमर और घुटनों के दर्द के मरीज अधिक मिल रहे हैं। मरीजों का उपचार करने के साथ उन्हें सर्दी के मौसम में कैसे रोग की चपेट में आने से बचें। इसकी काउंसलिंग भी की जा रही है। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनआर पवार ने कहा कि अस्पतालों में जोड़ों के दर्द की समस्या के मरीज बढ़े हैं। कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सक मरीजों का उपचार कर उनकी समस्या का निदान कर रहे हैं।
तापमान में गिरावट दर्द का मुख्य कारण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि तापमान में गिरावट जोड़ों में दर्द का मुख्य कारण है। तापमान गिरावट से ठंडक के कारण रक्त वाहिकाओं में संकुचन होने लगता है, जिससे जोड़ों में सूजन और कठोरता की दिक्कत हो जाती है। ऐसे में बैरोमीटर दबाव के कारण ठंडक में दर्द अधिक महसूस होती है। ठंडा तापमान, दर्द-संवेदनशीलता को बढ़ाता है। इसमें रक्त परिसंचरण भी धीमा हो जाता है। इससे मांसपेशियों में ऐंठन बढ़ जाती है। इस तरह की समस्याओं से बचाव के लिए जरूरी है कि स्वयं को ठंड से बचाए और जोड़ों की कठोरता को कम करने के लिए हल्के गर्म पानी से स्नान करें।