मणिकर्ण घाटी के कसोल के समीप ग्राहण नाले में आई बाढ़ में फसे पर्यटक वाहन।-संवाद
ग्लेश्यिर पिघलने से बढ़ा जलस्तर, किसानों की जमीन को भी पहुंचा नुक्सान
संवाद न्यूज एजेंसी
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। ग्लेशियर पिघलने की रफ्तार बढ़ने से घाटी के नदी-नाले उफान पर हैं। चंद्रभागा नदी का उफान अब नुकसान पहुंचाने लगा है। जसरथ गांव के लिए चंद्रभागा नदी पर लगा झूला मंगलवार रात को भूमि कटाव से नदी में समा गया।
झूले के साथ जसरथ के लिए बिछाई जलशक्ति विभाग की एकमात्र पाइपलाइन भी बह गई है। इससे गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। झूला टूटने से ग्रामीणों को जाहलमा आने-जाने के लिए वाया जसरथ-नालडा संपर्क सड़क होते हुए 14 किलोमीटर का सफर करना पड़ेगा। क्षेत्र के फूड़ा, हालिंग, जसरथ के किसानों की जमीन और फसलें भूमि कटाव की चपेट में आ गई हैं। जाहलमा नाला से नीचे नदी का के बहाव के साथ कई बीघा जमीन बह गई है। मंगलवार को भागा नदी भी उफान पर आ जाने से जाहलमा नाले के नीचे ही जसरथ और हालिंग की तरफ नदी का फैलाव बढ़ गया है।