कुल्लू। जनगणना लोकतंत्र की आधारशिला है और इसके आंकड़े देश व प्रदेश की विकास योजनाओं, नीतियों और कल्याणकारी कार्यक्रमों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह बात उपायुक्त कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा ने जिलावासियों से कही। उन्होंने अपील की है कि लोग पहली बार शुरू हुई डिजिटल स्वगणना की प्रक्रिया में हिस्सा लेकर इसे सफल बनाएं।
जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से हो रही है, जिससे प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। नागरिक 1 से 15 जून तक स्वगणना पोर्टल पर अपनी और अपने परिवार की जानकारी स्वयं ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। प्रक्रिया पूरी होने पर उन्हें एक स्वगणना आईडी मिलेगी, जिसे घर आने वाले प्रगणक को दिखाना होगा।
उपायुक्त ने कहा कि जनगणना के आंकड़े आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, संसाधनों के वितरण और शहरी नियोजन जैसे क्षेत्रों में नीतियां बनाने का आधार बनते हैं। उन्होंने जिले के सभी लोगों से इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
जनगणना का प्रथम चरण 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक घर-घर जाकर संचालित किया जाएगा। इस दौरान प्रगणक मोबाइल एप के माध्यम से परिवार, मकान, उपलब्ध सुविधाओं और परिसंपत्तियों से संबंधित 33 अधिसूचित प्रश्नों की जानकारी एकत्रित करेंगे। जनगणना के दौरान नागरिकों द्वारा दी गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।