करशाला, जुहड़ और लोट-बलेहड़ नहीं दौड़ रहीं एचआरटीसी की बसें
करशाला मार्ग में फंसीं निगम की बसों को भी नहीं निकाल पाया पीडब्ल्यूडी
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। रघुपुर घाटी में चार माह से एचआरटीसी के तीन बस रूट बंद हैं। इस कारण घाटी की पांच पंचायतों की करीब 10 हजार आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों को उपमंडल मुख्यालय के साथ जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए टैक्सियों में सफर करना पड़ रहा है या आठ से दस किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ रहा है। हैरानी की बात है कि करशाला सड़क पर फंसी निगम की दो बसों को भी लोक निर्माण विभाग नहीं निकाल पाया है।
करशाला, रोहाचला-जुहड़ और लोट-बलेहड़ सड़कों पर निगम की बस सेवाएं बंद होने से रघुपुर क्षेत्र की हजारों लोगों को जरूरी काम निपटाने के लिए आठ से दस किलोमीटर दूर पैदल जाना पड़ रहा है। फनौटी, करशैईगाड़, लगौटी, टकरासी और बिशलाधार पंचायतों के करीब 50 से अधिक गांवों के लोग परेशान हैं। तीन सड़कों को अभी छोटे वाहनों के लिए खोला गया है। ग्रामीण प्रताप सिंह, सुरेंद्र सिंह ठाकुर, लाल चंद ठाकुर, दुनी चंद, अशोक कुमार, सनी कुमार, कुमार सिंह, ओम प्रकाश और सुनील कुमार ने कहा कि
क्षेत्र के लोगों के लिए जिला मुख्यालय कुल्लू, बंजार, आनी, रामपुर और शिमला जाना और आना कठिन हो गया है। स्कूल-काॅलेज के विद्यार्थियों को भी पैदल जाना पड़ रहा है। लाल चंद, तेज राम और जगदीश ठाकुर ने कहा कि कुल्लू आना है तो उन्हें घर से आठ से दस किमी पैदल जलोड़ी दर्रा तक आना पड़ रहा है। यहां से कुल्लू के लिए बस मिलती है। लोगों का कहना है कि सड़कों को बस योग्य बहाल करने का काम बहुत धीमी गति से चल रहा है। इन सड़कों को जल्द बहाल किया जाना चाहिए। बस अड्डा के प्रभारी संदीप कुमार ने कहा कि बसों को निकालने के लिए लोक निर्माण विभाग को पत्राचार किया गया है। तीन सड़कें बसें चलाने के लिए ठीक नहीं हैं। बसें गंतव्य तक नहीं जा पा रही हैं। उधर, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता मनीष कुमार ने कहा कि सड़कों को बसों के लिए बहाल करने का काम जारी है।