तीन साल से सुविधा न मिलने से दुर्गम क्षेत्र की सात पंचायताें के ग्रामीण परेशान
रूट परमिट न होना बना रोड़ा, लोगों को आवाजाही में करने आ रही हैं दिक्कतें
महेंद्र पालसरा
न्यूली/सैंज (कुल्लू)। जिले की सैंज घाटी के दुर्गम क्षेत्र शैंशर के लिए परिवहन निगम की बस सेवा बंद है। निगम ने तीन साल पहले बस सेवा शुरू की थी लेकिन रूट परमिट न मिलने के कारण सेवा को बंद करना पड़ा।
इसके बाद से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सैंज-न्यूली-शैंशर रूट पर निगम की बस का न दौड़ना पांच पंचायतों के ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। बस का संचालन न होने से सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, मरीजों, विद्यार्थियों और प्रशिक्षुओं को उठानी पड़ रही है। उन्हें रोजाना कई किलोमीटर का पैदल सफर तय कर अपने गंतव्य पर पहुंचना पड़ रहा है।
ग्रामीणों की सुविधा के लिए करीब तीन साल पहले हिमाचल पथ परिवहन निगम ने बस सेवा शुरू की थी। इस रूट पर निगम को सवारियां भी अच्छी खासी मिलती रहीं लेकिन रूट परमिट न मिलने के कारण निगम को बस सेवा बंद करनी पड़ी। सेवा बंद होने से ग्राम पंचायत सुचैहण, गाडापारली, शांघड़, शैंशर, देरुरीधार, बनोगी और रैली-एक के ग्रामीणों को या तो पैदल अपने गंतव्य पर पहुंचना पड़ता है या टैक्सियों का भारी-भरकम किराया देना पड़ता है। ग्राम पंचायत देहुरीधार के प्रधान भगत राम, गाड़ापारली की प्रधान यमुना देवी और शैंशर की प्रधान मथुरा देवी ने कहा कि कई बार प्रशासन और परिवहन निगम के अधिकारियों के समक्ष मामले को रखा गया लेकिन ग्रामीणों की समस्या का कोई स्थायी हल नहीं निकाला गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुविधा के लिए बस सेवा जल्द दोबारा शुरू कर दी जाए। उधर, निगम के अड्डा प्रभारी औट भुवनेश्वर दत्त ने कहा कि सैंज-न्यूली-शैंशर पर बस सेवा शुरू करने की योजना है। इसके लिए समय-सारिणी पर विचार किया जा रहा है।