कुल्लू में होली उत्सव के दौरान रंग लगाकर उत्सव को मनाते कुल्लूवासी।-संवाद
गोशाला में फाग की परंपरा का होगा निर्वहन, सैकड़ों की संख्या में उमड़ेंगे श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
बंजार/कुल्लू। उपमंडल बंजार के तहत गोशाला में वीरवार को विहंगम नजारा देखने को मिलेगा। देवता बुंगडू महादेव अपने हारियानों के साथ होली खेलेंगे। देव आदेश होते ही हवा में गुलाल उड़ेगा। वाद्ययंत्रों की थाप पर देवता के देवलुओं भी थिरकेंगे। देवता बुंगडू महादेव ने बंजार के गोशाला में फाग की परंपरा को निभाया जाएगा।
बंजार घाटी का यह पर्व देखने लायक होता है। कुल्लू जिले का एकमात्र उत्सव है, जहां लोगों के साथ देवता भी होली खेलते हैं। चनौन पंचायत के आराध्य देवता बुंगडू महादेव अपने देवलुओं गोशाला गांव इस परंपरा का निर्वहन करने के लिए खास तौर पर पहुंचते हैं।
गौर रहे कि सदियों से इस परंपरा को निभाया जा रहा है। इसके बाद फाग पर्व पर ग्रामीण पारंपरिक परिधानों में सजकर नाटी भी डालेंगे। जिला देवी-देवता कारदार संघ के महासचिव टीसी महंत ने कहा कि कुल्लू में देवी-देवताओं के रंग अर्पित करने के बाद ही होली मनाए जाने की परंपरा है। होली उत्सव आपसी भाईचारे का प्रतीक है।
रघुनाथ मंदिर में होगा परंपरा का निर्वहन
भगवान रघुनाथ के मंदिर में वीरवार को होली की परंपरा का निर्वहन किया जाएगा। भगवान रघुनाथ के मंदिर में फाग जलाने के साथ ही कुल्लू में होली का समापन हो जाता है। फाग जलाने के लिए भगवान रघुनाथ देवालय से बाहर निकलेंगे। वाद्ययंत्रों की स्वरलहरियों से पूरा माहौल गूंज उठेगा। इस दौरान सभी देव परंपराओं का निर्वहन किया जाएगा।