न्यूली (कुल्लू)। सैंज घाटी के शाकटी, मरौड़ जैसे दुर्गम क्षेत्र में लोगों को मोबाइल नेटवर्क न होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के साथ घाटी आने वाले पर्यटकों को भी अपने परिजनों और संबंधियों से संपर्क करने में दिक्कत हो रही है। यहां तक इस क्षेत्र के शुगाड़ में बीएसएनएल ने टावर स्थापित करने के लिए सर्वे भी किया था और यहां टावर स्थापित करने की बात कही थी। अभी तक टावर स्थापित करने का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इस कारण क्षेत्र में लोगों को मोबाइल नेटवर्क के लिए तरसना पड़ रहा है। प्राइमरी और मिडिल स्कूल के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में भी ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध करवाना भी सपना बनकर रह गया है।
स्थानीय निवासी हीरा चंद, डोले राम, जीत राम, हीरा लाल, नीरत, गोविंद, भाग चंद, शेर सिंह, लग्न चंद, मोती राम, तेजू, राम चंद का कहना है कि क्षेत्र में किसी तरह का मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से काफी दिक्कतें होती हैं। आपदा के समय में भी प्रशासन और अपने रिश्तेदारों से संपर्क करना काफी चुनौती भरा हो जाता है। आज के युग में अधिकतर कार्य ऑनलाइन होते हैं और स्कूली बच्चों की पढ़ाई में भी ऑनलाइन नेटवर्क जरूरी है लेकिन शाकटी-मरौड़ और शुगाड़ के बच्चों को इससे वंचित रहना पड़ रहा है।
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राष्ट्रपति और पीएम को लिख चुके हैं पत्र
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में नेटवर्क स्थापित करने के लिए वह राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भी पत्र भेज चुके हैं लेकिन धरातल पर अभी तक कुछ ऐसा नहीं दिख रहा है। कुछ समय पहले क्षेत्र के शुगाड़ में बीएसएनएल का टावर स्थापित करने के लिए सर्वे किया जा चुका है।
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निगम के क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों से रिपोर्ट मांगी जाएगी और आने वाले समय में लोगों को बेहतर मोबाइल नेटवर्क सुविधा मिल सके इसके लिए निगम की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं।
-सत्यानंद, एजीएम, बीएसएनएल कुल्लू
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