मनाली-लेह सामरिक मार्ग बर्फबारी के बाद अधिकारिक तौर पर भले ही बंद हो गया हो, लेकिन रोहतांग दर्रा होकर मनाली और लाहौल के बीच छोटे वाहनों की आवाजाही बदस्तूर जारी है। इधर, सीमा सड़क संगठन ने मढी़ और कोकसर में स्थापित अपने अस्थायी कैंप से मशीनरियों के साथ जबानों को भी हटा लिया है।
इसके बावजूद रोहतांग होकर सफर करने वाले यात्रियों के साथ रेफर मरीजों को डरने की जरूरत नहीं है। सीमा सड़क संगठन ने दावा किया है कि उन्होंने कोकसर और मढ़ी से अपने अस्थायी कैंप भले ही हटा लिए हों, लेकिन बर्फ के बीच फंसने वाले वाहनों को सुरक्षित निकालने के लिए वे हर पल तैयार हैं।
इस रूट पर चलने वाले वाहनों को दिक्कत न हो, इसके लिए बीआरओ ने दो-तीन ऐसे प्वाइंट चिहिन्त किए हैं, जहां पर वाहनों के फंसने की अधिक संभावना है। लिहाजा, सीमा सड़क संगठन के कमांडर कर्नल केपी राजेंद्र ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को इसके निर्देश जारी किए हैं।
पहले यह अफवाह भी फैलाई गई कि अस्थायी कैंप हटाए जाने के बाद रोहतंाग होकर सफर करते वक्त फंसने वाले यात्रियों को बीआरओ रेस्क्यू नहीं करेगा। जबकि, 38 बीआरटीएफ के कमांडर कर्नल केपी राजेंद्र ने कहा कि संगठन ने भले ही मढ़ी और कोकसर से अस्थायी कैंप को हटा लिए हैं। लेकिन, इसके बावजूद अगर कोई वाहन बर्फ में फंसता है तो उसे रेस्क्यू करना उनका फर्ज है। लिहाजा यात्री मौसम के मिजाज को देखते हुए बेखौफ रोहतांग होकर सफर करें। इधर, कर्नल के बयान के बाद घाटी के जरूरतमंद और रेफर मरीजों को बड़ी राहत मिली है।