रघुनाथ की नगरी सुल्तानपुर में होगा रात्रि ठहराव
दशहरा की तैयारियों में जुटे कारकून और देवलू
संवाद न्यूज एजेंसी
खराहल (कुल्लू)। अधिष्ठाता बिजली महादेव अपने देवालय धारठ से 12 अक्तूबर को देव महाकुंभ दशहरा के लिए निकलेंगे। ढोल-नागड़ों और नरसिंगों की स्वरलहरियों के बीच सैकड़ों हारियानों और कारकूनों के संग देवता दशहरा के लिए सुबह करीब 11:00 बजे रवाना होंगे। इसके लिए तमाम हारियानों और देवलुओं ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। हालांकि, धारठ गांव में देवता बिजली महादेव 11 अक्तूबर को ही पहुंच जाएंगे। यहां पर देवता का रात्रि ठहराव होगा। 12 अक्तूबर की शाम को देवता बिजली महादेव रघुनाथ की नगरी सुल्तानपुरी में पहुंचेंगे और रात का ठहराव भी रघुनाथपुर में ही होगा। देवलू चांद, महेश, वासुदेव शर्मा, लाल चंद आदि ने कहा कि बिजली महादेव दशहरा उत्सव में पूरे लाव-लश्कर के साथ भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि इस के लिए सभी देवलू काफी उत्सुक हैं। गौरतलब है कि देवता बिजली महादेव की अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में अहम भूमिका रहती है। भगवान की रथयात्रा में भी देवता बिजली महादेव का अहम स्थान होता है। देवता ढालपुर मैदान में दशहरा के दौरान अस्थायी शिविर में विराजमान रहते हैं। यहां पर बिजली महादेव के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। खास बात यह है कि दशहरा के दौरान श्रद्धालुओं को शिव परिवार के एक साथ दर्शन भी होते हैं। ऐसे में देवता बिजली महादेव के स्वागत की तैयारी श्रद्धालुओं ने शुरू कर दी है।
देवता बिजली महादेव के कारदार विनेंद्र जंबाल ने बताया कि देवता 12 अक्तूबर को दशहरा उत्सव के लिए सैकड़ों देवलुओं के संग वाद्ययंत्रों की थाप पर प्रस्थान करेंगे। दशहरा के दिन देवता बिजली महादेव भगवान रघुनाथ के साथ ढालपुर में पहुंचेंगे।