फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kullu News: भूमार गांव के साथ धंसने लगा बंजार बाईपास, 12 घरों को खतरा

Mon, 28 Jul 2025 10:52 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
विज्ञापन
विधायक सुरेंद्र शौरी भूमार में हो रहे भूस्खलन निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों से बात करते हुए।जागरू
विज्ञापन
भूस्खलन से बंजार बाईपास सड़क भी यातायात के लिए बंद, लोगों में दहशत का माहौल
विज्ञापन

विधायक शौरी ने लिया क्षेत्र का जायजा, बोले- सरकार ने नहीं की स्थायी समाधान की पहल
ग्रामीणों ने दी चेतावनी- जल्द सुरक्षा के लिए कार्य शुरू नहीं किए तो करेंगे विभाग का घेराव
संवाद न्यूज एजेंसी
बंजार (कुल्लू)। उपमंडल के बाईपास मार्ग पर भूस्खलन से 12 मकानों को खतरा पैदा हो गया है। लोगों में दहशत का माहौल है। इस मार्ग पर भूमार गांव के पास सड़क के साथ क्षेत्र धंसना शुरू हो गया है।
बाईपास सड़क पर भूस्खलन होने से मार्ग भी यातायात के लिए बंद पड़ गया है। लोगों के अनुसार अगर और बारिश हुई तो काफी ज्यादा नुकसान हो सकता है। भूस्खलन के कारण 12 मकान खतरे में हैं। सोमवार को बंजार विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र शौरी ने क्षेत्र का जायजा लिया।
विज्ञापन

उन्होंने पूरी स्थिति को अत्यंत गंभीर और प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया। विधायक ने कहा कि कि वर्ष 2023 की बरसात में भी इसी मार्ग पर काफी भूस्खलन हुआ था। तभी से स्थानीय मकान खतरे की जद में आ गए थे। बावजूद इसके दो वर्षों में न तो लोक निर्माण विभाग ने कोई सुरक्षा क उपाय किए और न ही सरकार ने स्थायी समाधान की दिशा में कोई पहल की।
विधायक ने सरकार और जिला प्रशासन की असंवेदनशीलता पर तीखी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इतनी गंभीर आपदा की स्थिति में भी किसी प्रशासनिक अधिकारी ने स्थिति का जायजा नहीं लिया है और न ही राहत की कोई बात की है।
स्थानीय ग्रामीणों ने विधायक के समक्ष रोष प्रकट करते हुए कहा कि वे वर्ष 2023 से ही विभाग से सुरक्षा दीवार व भूस्खलन रोधी उपायों की मांग कर रहे हैं लेकिन विभागीय उदासीनता ने आज उन्हें इस भयावह स्थिति में ला खड़ा किया है। ग्रामीणों ने चेताया कि यदि विभाग ने शीघ्र सुरक्षात्मक कार्य शुरू नहीं किए तो वे विभाग और सरकार का घेराव करेंगे।
विज्ञापन

विधायक शौरी ने सभी प्रभावित परिवारों को आश्वस्त किया कि वे स्वयं इस मामले की निगरानी करेंगे और जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक हर स्तर पर संघर्ष करते रहेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें