राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि अटल टनल भारत की तकनीकी क्षमता, दृढ़ संकल्प और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में निर्बाध संपर्क सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। राष्ट्रपति सचिवालय ने भी उनके हिमाचल प्रदेश दौरे की आधिकारिक जानकारी में 7 अक्टूबर को रोहतांग स्थित अटल सुरंग के दौरे का कार्यक्रम जारी किया था।
बीआरओ के जवानों के समर्पण को सराहा
राष्ट्रपति ने टनल के निर्माण में जुटे बीआरओ के अधिकारियों और जवानों के समर्पण तथा मेहनत की सराहना की। पहाड़ की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में तैयार की गई यह सुरंग मनाली और लाहौल-स्पीति क्षेत्र के बीच संपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। राष्ट्रपति ने बुधवार शाम को मनाली मालरोड की सैर की। 10 मिनट तक मालरोड पर घूमने के बाद राष्ट्रपति मुर्मू होटल लाैट गईं। उन्होंने मालरोड पर तिब्बतन एम्पोरियम में जाकर खरीदारी भी की।
अटल टनल रोहतांग दर्रे के नीचे बनाई गई है। इसके निर्माण ने मनाली से लाहौल-स्पीति की ओर वर्षभर आवाजाही को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2020 में अटल टनल का उद्घाटन किया था। उस समय सरकार ने इसे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और सामरिक जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण परियोजना बताया था।