कुल्लू के मौहल स्थित डीएवी स्कूल में अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम के दौरान डीएसपी के साथ छात्?
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कुल्लू। महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की हिम्मत करनी होगी। जब वह अपने साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ खड़ी हो जाएगी, तभी अपराजिता बन सकेगी। महिला सशक्तीकरण का मतलब सिर्फ उसके पढ़ लिखकर अच्छी नौकरी करने से नहीं है, बल्कि उसकी स्वतंत्रता से है।
महिला सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक तौर पर स्वतंत्र होनी चाहिए। महिलाओं व छात्राओं को डरना नहीं चाहिए। जब आप मन में डर रखेंगे तो यह आप पर हावी हो जाएगा। ऐसे में अपने अंदर आत्मविश्वास बढ़ाएं, जो उन्हें लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद करेगा। पुलिस विभाग के डीएसपी कुल्लू प्रियंक गुप्ता ने अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत डीएवी पब्लिक स्कूल मौहल में हुए अपराजिता कार्यक्रम के दौरान बतौर मुख्यातिथि यह बात कही। कार्यक्रम में डीएवी स्कूल की छात्राओं को कानून और यातायात नियमों के बारे में जागरूक किया गया। प्रियंक गुप्ता ने कहा कि छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। इसे नजरअंदाज न करे। अगर कोई ऐसा कर रहा है तो उसका विरोध करें। इस बारे में स्कूल प्रिंसिपल, अध्यापकों और अभिभावकों को बताएं। एक बार आपने नजरअंदाज किया तो सामने वाले की हिम्मत बढ़ती जाएगी। यातायात नियमों का पालन न करने वालों का पुलिस चालान करती है। लेकिन अगर छात्राएं चाहे तो सड़क दुघर्टनाओं को कम करने में अहम भूमिका अदा कर सकती हैं। घर से दोपहिया वाहन पर निकलते समय पिता और भाई को हेलमेट पहनने के लिए जरूर बोले। दो पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट पहनें। युवा देश का भविष्य है। उसे नशे से दूर रहना चाहिए। इस दौरान कई लोग मौजूद रहे।
सभी छात्राएं बन सकती हैं अपराजिता
डीएवी पब्लिक स्कूल मौहल की प्रधानाचार्य अंशू सूद ने कहा कि सभी छात्राएं अपराजिता बन सकती हैं। अगर आपने मन में एक बार ठान लिया कि हम कुछ भी कर सकती हैं और हमें कोई नहीं हरा सकता तभी वे मजबूत बनेंगी। वर्तमान समय में बेटियों के साथ-साथ बेटों को भी यह बताने की जरूरत है कि महिलाओं की अहमियत क्या है। उनका सम्मान किया जाना चाहिए। अमर उजाला का अपराजिता अभियान काफी सराहनीय है।