कैफेटेरिया के साथ पार्किंग सुविधा उपलब्ध करवाने की है योजना
पर्यटन विभाग ने किया था एफसीए के लिए आवेदन, हुआ स्वीकृत
सोलंगनाला से लेकर अटल टनल तक नहीं है खाने पीने की कोई व्यवस्था
गौरीशंकर
कुल्लू। अटल टनल रोहतांग के साउथ पोर्टल में पर्यटकों को खाने-पीने साथ वाहनों के पार्क करने की भी सुविधा मिल सकेगी। इसके लिए पर्यटन विभाग के एक मेगा प्रोजेक्ट को केंद्र से सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है।
पर्यटन विभाग ने अटल टनल रोहतांग को निहारने आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्किंग और खाने-पीने के लिए कैफेटेरिया बनाने का एक प्रोजेक्ट तैयार किया था। प्रोजेक्ट के अनुसार यह करीब चार बीघा भूमि पर बनाया जाएगा, जिसमें सैकड़ों गाड़ियों के पार्क करने की सुविधा के साथ-साथ पर्यटकों के लिए खाने-पीने की सुविधा के लिए कैफेटेरिया उपलब्ध होगा। इस पर 6 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च करने की योजना है। लिहाजा, अब केंद्र से इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने के बाद प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ने की उम्मीद बढ़ गई है।
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सोलंगनाला से टनल तक नहीं है खाने-पीने की व्यवस्था
सोलंगनाला से अटल टनल के साउथ पोर्टल तक सैलानियों को खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं है। जबकि अटल टनल के पास वाहनों को पार्क करने की उचित सुविधा भी नहीं है और जो सैलानी सिर्फ अटल टनल निहारने के लिए आया होता है, वह यहां गाड़ी खड़ी कर टनल को नहीं निहार पाता। अब पार्किंग सुविधा मिलने के बाद यहां गाड़ी पार्क करने के बाद आराम से पर्यटक टनल को निहार सकेंगे।
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साल में लाखों वाहन गुजर रहे यहां से
अटल टनल को निहारने और टनल के उस पार जाने वाले पर्यटक वाहनों की बात करें तो सालभर में इनकी संख्या लाखों में है। 3 अक्तूबर 2020 को अटल टनल के राष्ट्र को समर्पित होने के बाद वर्ष 2021 में जहां टनल से गुजरने वाले वाहनों का आंकड़ा 7 लाख 99 हजार 941 था तो वहीं वर्ष 2022 में यह आंकड़ा 12 लाख 73 हजार 699 तक जा पहुंचा है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि टनल को निहारने वाले पर्यटकों का आंकड़ा भी लाखों में होगा, लेकिन सोलंगनाला से लेकर अटल टनल रोहतांग के साउथ पोर्टल तक न तो पर्यटकों के लिए खाने-पीने के लिए कोई होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट है और न ही पार्किंग की उचित सुविधा, लेकिन इस प्रोजेक्ट के बनने से यह तमाम समस्या दूर होगी।
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-अटल टनल के साउथ पोर्टल में पर्यटन विभाग के कैफेटेरिया, पार्किंग को लेकर बनाए गए प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक मंजूरी मिली है। करीब 4 बीघा भूमि विभाग के एफसीए को सैद्धांतिक मंजूरी मिली है। इसके बाद फाइनल अप्रूवल के लिए प्रक्रिया शुरू होगी।
ऐंजल चौहान, वन मंडलाधिकारी, कुल्लू