तीर्थन घाटी में बारिश और अंधड़ के साथ ओलावृष्टि ने जमकर कहर बरपाया
क्षेत्र में मटर, गोभी, जौ और गेहूं की फसल को भी पहुंचा भारी नुकसान
किसानों-बागवानों की मेहनत पर फिरा पानी, बोले- मुआवजा दिलाए विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
गुशैणी (कुल्लू)। बारिश के साथ अंधड़ और ओले सेब और नाशपाती सहित अन्य नगदी फसलों पर कहर बनकर बरसे। जिला कुल्लू की तीर्थन घाटी में शनिवार रात को बारिश के साथ अंधड़ चला।
घाटी में 10 से 15 मिनट तक हुई ओलावृष्टि ने सेब और नाशपाती के फलों को जमीन सुंघा दी है। अंधड़ से पत्ते भी झड़ गए हैं। मटर, गोभी, जौ और गेहूं की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। इससे तीर्थन घाटी और चैहणी इलाके के किसान और बागवान परेशान हैं। उन्होंने विभाग से नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
इलाके में शनिवार रात को जोरदार बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। 10 से 15 मिनट तक अंधड़ चला। ओले भी गिरे। इससे सेब का फल दागी हो गया है। सेब और नाशपाती से दाने और पत्ते झड़ गए हैं।
पंचायत शरची की प्रधान रामेश्वरी ठाकुर, पूर्व प्रधान हरी सिंह ठाकुर, उप प्रधान सुरेंद्र ठाकुर, पंचायत समिति सदस्य लीला देवी, पूर्व पंचायत समिति सदस्य प्रेम लता शर्मा, किसान तिलक राज शर्मा, पदम शर्मा, दौलत राम, निरत सिंह, उदय शर्मा और बेली राम ठाकुर ने कहा कि शनिवार देर शाम को बारिश, अंधड़ के साथ ओलावृष्टि हुई। इससे सेब के साथ नाशपाती, खुमानी और अन्य फलदार बगीचों को नुकसान हुआ है। ओलों के कहर से सेब और नाशपाती के दाने और पत्ते झड़ गए हैं। ओलों से किसानों-बागवानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। कहा कि ओलों की चपेट में मटर, गोभी, जौ और गेहूं की फसल भी आई है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि विभागीय टीमों को भेजकर नुकसान का जायजा लिया जाए और प्रभावित किसानों-बागवानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 28 मई को शरची दौरे पर आ रहे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को भी इससे अवगत करवाया जाएगा।
विभाग को सूचना मिली है कि बंजार के कई इलाकों में ओल से सेब के साथ अन्य फलों को नुकसान पहुंचा है। विभाग नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट सरकार को भेजेगा। - उत्तम पराशर, उपनिदेशक बागवानी विभाग कुल्लू