पतलीकूहल (कुल्लू)। मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत वर्ष 2025 में खरीदे गए सेब का भुगतान अब तक लंबित होने से बागवान परेशान हैं। 100 बोरी से अधिक सेब बेचने वाले बागवानों से भुगतान के लिए जमाबंदी समेत अन्य राजस्व दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। बागवानों का कहना है कि खरीद के समय सरकारी एजेंसी ने बाकायदा रसीद जारी की थी और सेब भी खरीद केंद्रों से उठाया जा चुका है। अब भुगतान के लिए नई दस्तावेजी प्रक्रिया शुरू होने से उन्हें राजस्व कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
कुल्लू फलोत्पादक मंडल के प्रधान प्रेम शर्मा ने सरकार और बागवानी विभाग से मामले का शीघ्र समाधान करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि दस्तावेज जरूरी थे तो खरीद के समय ही लिए जाने चाहिए थे। उन्होंने लंबित भुगतान जल्द जारी करने और प्रक्रिया सरल बनाने की मांग उठाई।