कुल्लू। कोरोना के कहर ने बागवानों को डरा दिया है। सीजन के दौरान मंडियों में उत्पाद के साथ आने वाले बागवानों की संख्या में 70 फीसदी कमी आई है। बागवान जीप चालक के पास ही अपना उत्पाद बेचने को दे रहे हैं। इससे पहले बागवान जीपों में स्वयं माल बेचने आते थे।
बागवान हर दिन का हिसाब जीप चालक से शाम को ले रहे हैं। अब बागवान सेब, नाशपाती की क्रेटों के साथ मंडी में आने से तौबा कर रहे हैं। बागवानों ने अपने उत्पाद बेचने का जिम्मा जीप चालक पर छोड़ दिया है। प्रदेश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में घाटी के किसान, बागवान महामारी को लेकर परेशान हैं। बागवान एक जीप में अपना सारा उत्पाद डाल रहे हैं। जीप चालक से मंडी में किस रेट में सेब बिका है, इसकी पूछताछ फोन के माध्यम से ली जा रही है। शाम के समय जीप चालक से हिसाब भी लिया जा रहा है। बागवानों के मंडियों में कम संख्या में आने से आढ़तियों को परेशानी नहीं हो रही है। बताया जा रहा है कि मंडियों में सामाजिक दूरी का पालन किया जा रहा है। लेकिन बोली के समय आढ़ती यूनियन को सामाजिक दूरी बनाए रखने में मुश्किल आ रही है। फल एवं सब्जी उत्पादक संगठन कुल्लू सदर के महासचिव सुनील राणा ने कहा कि कोरोना के खतरे को देखते हुए भीड़ जुटाने से परहेज करना चाहिए। महामारी का खतरा अभी टला नहीं है। संगठन की ओर से भी किसानों-बागवानों को जागरूक किया जा रहा है।
बागवानों से दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील
बंदरोल सब्जी मंडी में आढ़ती यूनियन के प्रधान मोहन ठाकुर ने कहा कि कोरोना के डर से अब बागवान मंडियों में स्वयं उत्पाद बेचने नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले बागवान अपने उत्पाद बेचने स्वयं आते थे। मंडी में आने वाले किसानों, बागवानों को कोरोना के लिए जारी हुए दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।